क्या गंभीर बीमारी से ठीक होकर 702 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय किया विधायक ने, पीएम मोदी भी हुए प्रभावित?
सारांश
Key Takeaways
- स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद साहसिक कार्य संभव है।
- फिटनेस का महत्व समझना आवश्यक है।
- प्रधानमंत्री मोदी जैसे नेताओं का समर्थन प्रेरणा देता है।
- संघर्ष और दृढ़ता से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
- समाज में प्रेरणा फैलाने का महत्व।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 वर्ष की आयु में बेंगलुरु से कन्याकुमारी की दूरी साइकिल से तय करने वाले विधायक एस. सुरेश कुमार से फोन पर बात की और उनके अदम्य साहस की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक साइकिल चलाने का यह साहसिक कार्य वाकई में प्रशंसा योग्य और प्रेरणा देने वाला है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया कि एस. सुरेश कुमार का यह प्रयास न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करने के बाद उनकी दृढ़ता को भी दर्शाता है। यह फिटनेस के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश भी भेजता है।
उन्होंने कहा, "मैंने उनसे बात की और इस प्रयास के लिए उन्हें बधाई दी।"
वहीं, एस. सुरेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मुझे भारत के प्रधानमंत्री मोदी का कॉल पाकर बहुत खुशी हुई, जिन्होंने मुझे कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर साइकिल चलाने के लिए बधाई दी। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि यह मेरी 51 साल बाद की दूसरी साइकिल यात्रा थी, जो मैंने गंभीर बीमारी से उबरने के बाद की।"
बेंगलुरु के राजाजीनगर के विधायक सुरेश कुमार ने दुर्लभ बीमारी से उबरने के बाद यह अद्भुत कार्य किया है। वह महीनों तक बिस्तर पर रहे, लेकिन ठीक होने के बाद उन्होंने बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की, जिसे उन्होंने पांच दिनों में पूरा किया।
जानकारी के मुताबिक, वे चिकनगुनिया एन्सेफेलोपैथी (सीई) नामक बीमारी से पीड़ित थे, जिसके कारण वे अपनी उंगलियां तक हिलाने में असमर्थ हो गए थे। वे 12 लोगों के एक समूह का हिस्सा थे जिन्होंने 'राजाजीनगर पेडल पावर' के बैनर तले पांच दिनों में यह यात्रा पूरी की।