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राज्यपाल मंगूभाई पटेल बोले — नशा मुक्ति अभियान विकसित भारत की बुनियाद, TB उन्मूलन से जोड़ें

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राज्यपाल मंगूभाई पटेल बोले — नशा मुक्ति अभियान विकसित भारत की बुनियाद, TB उन्मूलन से जोड़ें

सारांश

भोपाल में 77वें टी.बी. सील अभियान के मंच से राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने नशा मुक्ति और टी.बी. उन्मूलन को एक साथ साधने का आह्वान किया। उनका संदेश स्पष्ट था — विकसित भारत की इमारत स्वस्थ और नशामुक्त पीढ़ी की नींव पर ही खड़ी होगी।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल में 77वें टी.बी.
सील अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को टी.बी.
उन्मूलन प्रयासों के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
राज्यपाल ने माता-पिता से अपील की कि घर से ही बच्चों को नशे से दूर रहने के संस्कार दें।
रोगियों तक सही जानकारी, दवाइयाँ और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में टी.बी.
जागरूकता पर आधारित सूचना किट का लोकार्पण किया गया।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल में कहा कि विकसित और स्वस्थ भारत के निर्माण में नशा मुक्ति अभियान की केंद्रीय भूमिका है। वे एम.पी. स्टेट टी.बी. एसोसिएशन के 77वें टी.बी. सील अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के विरुद्ध जागरूकता को टी.बी. उन्मूलन प्रयासों के साथ जोड़ने का आह्वान किया।

नशा मुक्ति और TB उन्मूलन को एक साथ चलाने की अपील

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहा नशा मुक्त भारत अभियान 'स्वस्थ भारत-सशक्त भारत' की परिकल्पना का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि टी.बी. उन्मूलन के प्रयासों के साथ इस अभियान को भी समान प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, दोनों मोर्चों पर एक साथ काम किए बिना 'विकसित भारत' का सपना अधूरा रहेगा।

युवाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह

राज्यपाल पटेल ने कहा कि नशे की लत से सबसे अधिक प्रभावित वर्ग युवा और बच्चे हैं। उन्होंने अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इस वर्ग को नशे के आर्थिक, सामाजिक और मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उनका कहना था कि संयमित जीवनशैली, पौष्टिक आहार और समुचित उपचार की समझ इन्हें व्यावहारिक स्तर पर देनी होगी।

माता-पिता की भूमिका पर बल

राज्यपाल पटेल ने सभी अभिभावकों का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने के संस्कार घर से ही देने होंगे। उनके शब्दों में, पारिवारिक वातावरण और घरेलू अनुशासन ही वह पहली पाठशाला है जो किसी बच्चे को नशे की ओर जाने से रोक सकती है। यह जिम्मेदारी केवल सरकार या संस्थाओं की नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार की है।

TB मुक्त भारत अभियान पर निर्देश

राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. मुक्त भारत अभियान में मरीजों की जाँच, उपचार और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रत्येक रोगी तक सही जानकारी, दवाइयाँ और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि टी.बी. रोगियों को सकारात्मक विचारों और अनुशासित जीवनशैली के प्रति विशेष रूप से प्रेरित किया जाए, और इन कार्यक्रमों को सघन एवं सतत रूप से चलाया जाए।

कार्यक्रम का विवरण और आगे की राह

एम.पी. स्टेट टी.बी. एसोसिएशन के चेयरमैन जयपाल सचदेव ने राज्यपाल पटेल का पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में टी.बी. सील अभियान की जागरूकता पर आधारित सूचना किट का लोकार्पण भी किया। आभार डॉ. अभिजीत देशमुख ने व्यक्त किया, और कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारी, एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे। राज्यपाल पटेल ने स्वयंसेवी संस्थाओं को पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पण भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी — एक ऐसे संदेश के साथ जो टी.बी. उन्मूलन और नशा मुक्ति, दोनों मोर्चों पर समाज की सामूहिक भागीदारी की माँग करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर युवाओं में, चिंताजनक दर से बढ़ रहे हैं और टी.बी. उन्मूलन की समय-सीमा 2025 पहले ही चूक चुकी है। दोनों अभियानों को एक मंच पर जोड़ने का विचार नया नहीं है, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन में समन्वय की कमी एक बड़ी बाधा रही है। माता-पिता और स्वयंसेवी संस्थाओं को केंद्र में रखना सही दिशा है, पर बिना संसाधन-आवंटन और जवाबदेही ढाँचे के, ऐसे आह्वान प्रेरणा तो देते हैं, नीतिगत बदलाव नहीं।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने नशा मुक्ति अभियान पर क्या कहा?
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान विकसित और स्वस्थ भारत के लिए अनिवार्य है। उन्होंने इसे टी.बी. उन्मूलन प्रयासों के साथ जोड़ने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
77वाँ टी.बी. सील अभियान क्या है और यह कहाँ शुरू हुआ?
77वाँ टी.बी. सील अभियान एम.पी. स्टेट टी.बी. एसोसिएशन द्वारा आयोजित वार्षिक जन-जागरूकता कार्यक्रम है, जिसका शुभारंभ 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने किया। इस अवसर पर टी.बी. जागरूकता पर आधारित सूचना किट का भी लोकार्पण हुआ।
टी.बी. मुक्त भारत अभियान में किन बातों को प्राथमिकता देने की बात कही गई?
राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. मुक्त भारत अभियान में मरीजों की जाँच, उपचार और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रत्येक रोगी तक सही जानकारी, दवाइयाँ और पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य बताया गया।
राज्यपाल ने माता-पिता से क्या अपील की?
राज्यपाल पटेल ने सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को नशे से दूर रहने के संस्कार घर से ही दें। उन्होंने कहा कि संयमित जीवन, पौष्टिक आहार और समुचित उपचार का व्यावहारिक महत्व बच्चों को पारिवारिक स्तर पर समझाया जाए।
एम.पी. स्टेट टी.बी. एसोसिएशन के चेयरमैन कौन हैं?
एम.पी. स्टेट टी.बी. एसोसिएशन के चेयरमैन जयपाल सचदेव हैं, जिन्होंने कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल का पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया और टी.बी. सील अभियान की जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
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