क्या विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में इसरो एस्ट्रोनॉट्स से प्रेरणा मिली?
सारांश
Key Takeaways
- नशा-मुक्त युवा विकसित भारत के लिए आवश्यक हैं।
- इसरो के एस्ट्रोनॉट्स ने प्रेरणादायक यात्रा साझा की।
- युवाओं को अनुशासन और कमिटमेंट से काम करने की सलाह दी गई।
- कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय युवा दिवस पर होगा।
- युवाओं को माई भारत प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
नई दिल्ली, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (वीबीवाईएलडी) 2026 के तीसरे दिन युवा नेताओं में अपार उत्साह और जोश देखने को मिला। युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने युवा लीडर्स को प्रेरित किया कि उनकी निरंतर प्रयास विकसित भारत के मार्ग पर प्रगति करेंगे।
मंडाविया ने कहा, "नशा-मुक्त युवा विकसित भारत के लिए आवश्यक हैं।" इस कार्यक्रम की शुरूआत इसरो के एस्ट्रोनॉट्स-डेजिग्नेट्स ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर के साथ एक दिलचस्प इंटरैक्टिव सेशन से हुई। दोनों गगनयान मिशन के लिए चयनित हैं और भारतीय वायु सेना के अनुभवी पायलट हैं। इस फायरसाइड चैट में उन्होंने अपनी यात्रा, चुनौतियों और स्पेस टेक्नोलॉजी से विकसित भारत के योगदान पर चर्चा की।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा, "आसमान कभी सीमा नहीं था, न मेरे लिए, न आपके लिए, और न ही भारत के लिए।" उन्होंने माइक्रोग्रैविटी के अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऑर्बिट से भारत की सुंदर तस्वीरें देखकर सपने सच होने का एहसास होता है। उन्होंने युवाओं को असफलताओं से उबरने और कभी संतुष्ट न होने की सलाह दी।
ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर ने कहा कि अब दुनिया स्पेस एक्सप्लोरेशन में ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की ओर देख रही है। उन्होंने भगवद गीता और परिवार के समर्थन को अपने प्रेरणा स्रोत बताया। युवाओं को "स्टूडेंट मोड" में रहने और जीवन भर सीखने की सलाह दी।
डॉ. मंडाविया ने ५० लाख युवाओं में से चुने गए ३,००० लीडर्स को बधाई दी और कहा कि यह राज्यों और केंद्र द्वारा उन पर विश्वास है। उन्होंने माई भारत प्लेटफॉर्म से जुड़े रहने, डिस्ट्रिक्ट यूथ ऑफिसर्स से संपर्क में रहने और नशा-मुक्त भारत जैसे प्रोग्राम्स को लीड करने की अपील की। उन्होंने युवाओं से एक करोड़ को माई भारत से जोड़ने, विकसित भारत प्रेजेंटेशन को संस्थानों में ले जाने और अनुशासन एवं प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने वंदे मातरम के १५० साल पूरे होने का उल्लेख करते हुए संसद की बहस में भाग लेने की सलाह दी।
दिन का समापन 'कलर्स ऑफ विकसित भारत' सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ, जिसमें संगीत, नृत्य और कविता के अद्भुत प्रदर्शन हुए। डॉ. मंडाविया और केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया। शाम को युवा लीडर्स ने केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के आवास पर रात्रिभोज में भाग लिया, जहाँ अनौपचारिक मार्गदर्शन और राष्ट्र-निर्माण पर सार्थक संवाद हुआ।
वीबीवाईएलडी 2026 का समापन १२ जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टाउन हॉल स्टाइल बातचीत से होगा। युवा १० थीम्स पर अपने उच्च-प्रभाव वाले विचार प्रस्तुत करेंगे।