पश्चिमी विक्षोभ से दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश, 12–17 अक्टूबर तक बादल छाए रहने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 12 अक्टूबर 2026 को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट ली है। दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद) में रविवार की रात से घने बादलों का डेरा जम गया, और आधी रात के बाद करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलीं, जिनके साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली का जोरदार दौर देखा गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मानसून की विदाई के बाद उभरे इस नए मौसम तंत्र के प्रभाव में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार की रात से शुरू हुई इस बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान को अचानक नीचे धकेल दिया है। सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, जो उत्तर भारत में आगामी शीत ऋतु की दस्तक मानी जा रही है। IMD की स्थानीय मौसम रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, परंतु आकाश में आंशिक बादल छाए रहेंगे।
दिन-वार तापमान पूर्वानुमान
12 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 13 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) 70 से 80 प्रतिशत के बीच रहेगी और कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
14 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। ह्यूमिडिटी 65 से 75 प्रतिशत रहेगी और आसमान में आंशिक बादल रहेंगे। 15 अक्टूबर को तापमान 32 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, ह्यूमिडिटी भी 65 से 75 प्रतिशत दर्ज की जा सकती है।
16 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, ह्यूमिडिटी 65 से 75 प्रतिशत के बीच। 17 अक्टूबर को तापमान 33 से 23 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहेगा।
आम जनजीवन पर असर
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस बारिश ने गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत दी है। हालाँकि, तेज बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब अक्टूबर में सामान्यतः तापमान धीरे-धीरे नरम पड़ता है; इस बार पश्चिमी विक्षोभ ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
क्या होगा आगे
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जो शीत ऋतु के जल्दी आगमन का संकेत है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अगले पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की स्थिति में पुनः बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।