गुजरात की मंत्री मनीषा ने कहा, महिलाओं के लिए आरक्षण का सही समय आ गया है

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गुजरात की मंत्री मनीषा ने कहा, महिलाओं के लिए आरक्षण का सही समय आ गया है

सारांश

गुजरात की मंत्री मनीषा वकील ने कहा कि विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का समय आ गया है। इस कदम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि होगी।

Key Takeaways

  • गुजरात की मंत्री मनीषा वकील ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का समर्थन किया।
  • महिला आरक्षण कानून का कार्यान्वयन जनगणना के बाद होगा।
  • यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाएगा।
  • सभी राजनीतिक दल चर्चा में भाग लेंगे।
  • महिलाएं भारत की जनसंख्या का लगभग आधा हिस्सा हैं।

गांधीनगर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात की महिला एवं बाल विकास मंत्री मनीषा वकील ने मंगलवार को बताया कि विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का सही समय आ गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 16 अप्रैल से शुरू होने वाले आगामी विशेष संसदीय सत्र के दौरान महिला आरक्षण कानून, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के कार्यान्वयन ढांचे पर महत्वपूर्ण चर्चा की तैयारी कर रही है।

गांधीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनीषा ने कहा कि प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक शासन में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसे प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में बढ़ना चाहिए।

उन्होंने बताया कि महिलाएं भारत की जनसंख्या का लगभग आधा हिस्सा हैं और उन्हें निर्वाचित संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

मनीषा वकील ने जोर दिया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए और कहा कि नई दिल्ली में संसद में होने वाली चर्चाओं में सभी राजनीतिक दल शामिल होंगे। जब 2023 में पहली बार यह प्रस्ताव रखा गया था, तब राजनीतिक दलों ने अपने-अपने विचार साझा किए थे, और तब से यह मुद्दा विचाराधीन है।

उन्होंने कहा कि 16, 17 और 18 अप्रैल के सत्र महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होंगे। लोकसभा के लिए प्रस्तावित ढांचा महिलाओं के लिए "लाभकारी बदलाव" लाएगा और निर्णय लेने में उनकी भूमिका को मजबूत करेगा।

उन्होंने बताया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। इस विधायी प्रावधान के माध्यम से शासन में उनकी भागीदारी और बढ़ेगी। 16 अप्रैल को संसद में महिला आरक्षण ढांचे पर एक विशेष चर्चा होगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के भाग लेने की उम्मीद है।

मनीषा वकील ने बताया कि कानून का कार्यान्वयन एक परिभाषित संवैधानिक प्रक्रिया और भविष्य के चुनावी अभ्यासों से जुड़ी समय-सीमा के अनुसार होगा, जिसका अर्थ है कि आवश्यक प्रक्रियात्मक कदम पूरे होने के बाद, बाद के चरण में आरक्षण प्रभावी होगा।

संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है, साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित महिलाओं के लिए उनकी संबंधित श्रेणियों के भीतर क्षैतिज आरक्षण का भी प्रावधान करता है।

इस कानून का लागू होना, इसके शुरू होने के बाद होने वाली पहली जनगणना के बाद किए जाने वाले परिसीमन (सीमा-निर्धारण) अभ्यास से जुड़ा है। इसका मतलब है कि इसे पूरी तरह से लागू किए जाने की उम्मीद, निर्वाचन क्षेत्रों की नई सीमाएं तय होने और उसके बाद होने वाले चुनावों के बाद ही है।

संसद का विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक होना तय है। उसमें उम्मीद है कि इस कानून को लागू करने के लिए जरूरी प्रावधानों और प्रक्रियागत कदमों पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, इस कानून से जुड़े प्रतिनिधित्व और चुनावी सुधारों पर भी व्यापक चर्चा की जाएगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि महिलाओं के लिए आरक्षण का मसला न केवल उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह कदम महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण कानून क्या है?
महिला आरक्षण कानून एक ऐसा विधेयक है जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करता है।
कब से लागू होगा महिला आरक्षण?
महिला आरक्षण कानून का कार्यान्वयन जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन अभ्यास के बाद होगा।
इस कानून का उद्देश्य क्या है?
इस कानून का उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना है।
कौन-कौन से राजनीतिक दल इस चर्चा में शामिल होंगे?
सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस चर्चा में भाग लेंगे, जैसा कि मनीषा वकील ने उल्लेख किया।
क्या यह कानून महिलाओं के लिए लाभकारी होगा?
हाँ, यह कानून महिलाओं को राजनीतिक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व देगा, जिससे उनके मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।
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