क्या टेक महिंद्रा ने झारखंड में एआई डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में निवेश का प्रस्ताव रखा?

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क्या टेक महिंद्रा ने झारखंड में एआई डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में निवेश का प्रस्ताव रखा?

सारांश

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान टेक महिंद्रा ने झारखंड में एआई डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह कदम राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • टेक महिंद्रा का प्रस्ताव झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • यह राज्य की ऊर्जा क्षमता का उपयोग कर सकता है।
  • स्थानीय प्रतिभाओं के लिए नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
  • शिक्षा और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।
  • राज्य की तकनीकी पहचान को नया मोड़ मिलेगा।

दावोस/रांची, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान, वैश्विक आईटी कंपनी टेक महिंद्रा ने झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव रखा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन और झारखंड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ टेक महिंद्रा के हेड एंड प्रेसिडेंट (आईएमईए डिवीजन) साहिल धवन की मुलाकात टेक महिंद्रा लाउंज में हुई, जिसमें राज्य के आईटी और डिजिटल इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक के दौरान टेक महिंद्रा के प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। एआई और डेटा सेंटर जैसी उन्नत तकनीकों के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा की आवश्यकता होती है, ऐसे में झारखंड इन क्षेत्रों के लिए उपयुक्त गंतव्य बन सकता है। कंपनी ने अंडरग्राउंड एनर्जी स्टोरेज सहित उन्नत ऊर्जा समाधान विकसित करने के लिए राज्य सरकार के साथ सहयोग की संभावना जताई।

टेक महिंद्रा ने झारखंड में प्रस्तावित आईटी पार्क को मजबूती देने के लिए रणनीतिक भागीदार के रूप में जुड़ने में भी रुचि दिखाई। इसके साथ ही राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की संभावना पर भी सकारात्मक रुख रखा गया। प्रस्तावित जीसीसी के माध्यम से आईटी सेवाएं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, माइनिंग रिसर्च, फाइनेंस, कस्टमर सर्विस और डिजिटल इनोवेशन जैसे वैश्विक कार्यों का संचालन झारखंड की स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा किया जा सकेगा। इससे राज्य को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ-साथ रोजगार के बड़े अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

मानव संसाधन विकास और शिक्षा के क्षेत्र में भी टेक महिंद्रा ने राज्य सरकार के साथ सहयोग का प्रस्ताव रखा। कंपनी ने बताया कि वह उच्च शिक्षा, स्कॉलरशिप और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कई कार्यक्रम पहले से संचालित कर रही है। झारखंड के युवाओं के लिए राज्य के भीतर और बाहर कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मिलकर आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड सरकार उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर दे रही है। उन्होंने टेक महिंद्रा से राज्य के आईटीआई और तकनीकी संस्थानों को अधिक रोजगार और बाजारोन्मुख बनाने में सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए उद्योगों की भागीदारी बेहद आवश्यक है।

Point of View

क्योंकि यह न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा। ऐसे कदमों से भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

टेक महिंद्रा का प्रस्ताव क्या है?
टेक महिंद्रा ने झारखंड में एआई डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में निवेश का प्रस्ताव रखा है।
इस प्रस्ताव से झारखंड को क्या लाभ होगा?
इससे राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसरों के निर्माण में सहायता मिलेगी।
क्या झारखंड ऊर्जा-सरप्लस राज्य बन रहा है?
हाँ, झारखंड ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
टेक महिंद्रा का जीसीसी क्या है?
जीसीसी का मतलब है ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, जो स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा वैश्विक कार्यों का संचालन करेगा।
क्या टेक महिंद्रा ने शिक्षा में सहयोग का प्रस्ताव दिया है?
हाँ, टेक महिंद्रा ने राज्य सरकार के साथ उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में सहयोग का प्रस्ताव रखा है।
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