पीयूष गोयल का वर्ल्ड आईपी डे पर बड़ा ऐलान: खेल से जुड़े सभी आईपी रजिस्ट्रेशन 3 साल तक शुल्क मुक्त
सारांश
Key Takeaways
- पीयूष गोयल ने 28 अप्रैल 2026 को खेल से जुड़े सभी आईपी रजिस्ट्रेशन — ट्रेडमार्क, पेटेंट, कॉपीराइट, डिज़ाइन, जीआई — को 3 वर्षों के लिए शुल्क मुक्त करने की घोषणा की।
- यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू; इनोवेटर्स, छात्रों और कारीगरों को रजिस्ट्रेशन में सक्रिय सहायता भी मिलेगी।
- कश्मीर विलो क्रिकेट बैट को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने और जम्मू-कश्मीर व मेरठ में स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव।
- 'विकसित भारत डिजिटल मैट्रिक्स 2026' हैकाथॉन लॉन्च — स्मार्ट वियरेबल्स पर केंद्रित 6 महीने का कार्यक्रम।
- भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से भारतीय इनोवेटर्स को अंतरराष्ट्रीय अवसर मिलने की उम्मीद।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में विश्व बौद्धिक संपदा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए घोषणा की कि खेल से जुड़े सभी बौद्धिक संपदा (आईपी) रजिस्ट्रेशन — जिनमें ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट, डिजाइन, पारंपरिक ज्ञान और जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) शामिल हैं — तीन वर्षों के लिए पूरी तरह शुल्क मुक्त होंगे। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इस वर्ष के समारोह का विषय था — 'आईपी और खेल: तैयार, शुरू, नवाचार!'
घोषणा का दायरा और लाभार्थी
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य खेल क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना और नए विचारों को संरक्षित करने की प्रक्रिया को सुलभ बनाना है। गोयल ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल शुल्क माफ नहीं कर रही, बल्कि इनोवेटर्स, छात्रों, कारीगरों और अन्य हितधारकों को आईपी रजिस्ट्रेशन में सक्रिय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
मंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने हर नए विचार को आईपी में बदलें और उसका पंजीकरण अवश्य कराएं, ताकि वह एक मूल्यवान संपत्ति बन सके।
कश्मीर विलो क्रिकेट बैट और जीआई टैग की अहमियत
पीयूष गोयल ने कश्मीर विलो क्रिकेट बैट का विशेष उल्लेख करते हुए इसे भारत की कारीगरी और आईपी शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने इस जीआई-टैग प्राप्त स्पोर्ट्स उत्पाद को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने और जम्मू-कश्मीर में इसके उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। गौरतलब है कि जीआई टैग किसी उत्पाद की भौगोलिक पहचान और गुणवत्ता को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और रोज़गार
मंत्री ने जम्मू-कश्मीर और मेरठ जैसे क्षेत्रों में स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि बैट, बॉल, हॉकी उपकरण और जिम सामग्री जैसे खेल उत्पादों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना अनिवार्य है, ताकि स्थानीय उद्योग सशक्त हो और नए रोज़गार के अवसर सृजित हों।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार की स्पोर्ट्स पॉलिसी 2025 के तहत देशभर में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और स्कूल स्तर पर खेलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कंपनियों से सीएसआर फंड के माध्यम से स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, ओपन जिम और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं विकसित करने की भी अपील की गई।
नवाचार मंत्र और डिजिटल हैकाथॉन
गोयल ने 'नवाचार करो, पेटेंट कराओ, उत्पादन करो, समृद्धि हासिल करो' का मंत्र देते हुए कहा कि भारतीय इनोवेटर्स को वैश्विक बाज़ार में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारतीय नवोन्मेषकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलेंगे।
इसी अवसर पर मंत्री ने 'विकसित भारत डिजिटल मैट्रिक्स 2026' डिज़ाइन हैकाथॉन भी लॉन्च किया, जो स्मार्ट वियरेबल्स पर केंद्रित छह महीने का कार्यक्रम है। इसका लक्ष्य युवाओं को नई तकनीक और डिज़ाइन के समन्वय से वास्तविक उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करना है।
खेल अब एक बड़ा आर्थिक क्षेत्र
पीयूष गोयल ने रेखांकित किया कि खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट टीमों के मूल्यांकन में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो खेलों के व्यावसायिक महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में आईपी संरक्षण और नवाचार की भूमिका और अधिक निर्णायक होती जाएगी।