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मुख्यमंत्री योगी ने थारू समाज के खिलाफ झूठे मुकदमे वापस लेने का किया ऐलान

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मुख्यमंत्री योगी ने थारू समाज के खिलाफ झूठे मुकदमे वापस लेने का किया ऐलान

सारांश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने पूर्व सरकार द्वारा दर्ज किए गए झूठे मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया और उनके अधिकारों को बहाल करने का संकल्प लिया। यह निर्णय थारू समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

मुख्य बातें

सीएम योगी ने थारू समाज के खिलाफ झूठे मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया।
4356 थारू परिवारों को भूमि अधिकार पत्र मिले।
314 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें राहत देने के लिए तैयार है।
थारू समाज को उद्यमी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

लखीमपुर खीरी, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के निवासियों को एक महत्वपूर्ण सौगात दी। महात्मा ज्योतिबा फुले और महाराणा सांगा के जन्मदिवस के एक दिन पहले, सीएम योगी ने अपने बयान में कहा कि हर जनपद में माफिया को संरक्षण देने वाली पेशेवर अपराधियों की सरकार ने महाराणा प्रताप और महाराणा सांगा के वंशजों पर अत्याचार और झूठे मुकदमे दायर किए थे। संघर्षशील थारू समाज के जिन सदस्यों पर सपा सरकार ने मुकदमे लगाए थे, हमारी सरकार उन सभी मुकदमों को वापस लेगी। अब आप पर कोई अत्याचार नहीं कर पाएगा, क्योंकि डबल इंजन सरकार आपके साथ खड़ी है और आपके संघर्ष का सम्मान करती है।

सीएम योगी ने चेतावनी दी कि माफिया बनने का प्रयास करने वाले अपनी स्थिति की गंभीरता को समझें। सरकार किसी भी माफिया को पनपने, गरीबों का हक छीनने और युवाओं की नौकरियों पर डकैती डालने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया और पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ रुपये की 314 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

सीएम ने थारू जनजाति के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और उनकी संस्कृति को संरक्षित रखने की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शासन वही है, जहाँ जनता सुखी हो। शासन का कल्याण जनता के कल्याण में निहित है। यह कार्य तभी संभव है, जब सत्ता में संवेदनशीलता हो और यह सेवा के माध्यम से जनता तक पहुंचे। यह कार्यक्रम अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐतिहासिक यात्रा है, क्योंकि आज अधिकार के साथ आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की गारंटी भी मिल रही है। यदि जनता ने हमें अधिकार दिया है, तो हम उन्हें अधिकार पत्र दे रहे हैं।

सीएम ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को यहां बसाया गया था। आपकी तीन पीढ़ियाँ बीत गईं, लेकिन कभी भी हक प्राप्त नहीं हुआ। दशकों की अधूरी यात्रा आज पुनर्वास कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रही है। जब जनता और सरकार के बीच विश्वास का पुल बनता है, तब वही विश्वास अधिकार बनकर धरातल पर उतरता है। चंदन चौकी इस जनपद का गौरव है। यहां वनवासी संस्कृति की जड़ें, स्वाभिमान और तराई की उर्वरता साथ फलती-फूलती हैं। चंदन चौकी और आस-पास दर्जनों थारू बाहुल्य गांव हैं, जिन्हें पहचान की आवश्यकता थी। पहले वन, पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। शौर्य और वीरता के साथ अपने इतिहास को जोड़ने वाला थारू समाज आज पहचान के लिए मोहताज नहीं है, बल्कि आज उसे अधिकार पत्र मिल रहा है, जो डबल इंजन सरकार की ताकत और गति को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों ने देश की आजादी के लिए सब कुछ खोया। अंग्रेजों ने इन्हें काला पानी, देश निकाला और फांसी जैसी यातनाएं दीं। आजादी के बाद तत्कालीन सरकार ने इन्हें बसाया, लेकिन भूमि का अधिकार नहीं दिया। आजाद भारत में स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले लोग अपने अधिकारों से वंचित रहे। 1976 में थारू समाज को इन गांवों में जमीन देने की बात की गई थी, लेकिन उन्हें स्वामित्व नहीं मिला। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए स्वतंत्रता सेनानियों को भी मालिकाना हक नहीं मिला।

सीएम ने कई दशकों से इन लोगों की अनदेखी करने वाली पिछली सरकारों को कठोरता से निंदा की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में संवेदना का अभाव था। अगर ये लोग परिवारवाद से ऊपर उठते तो थारू और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के अधिकारों के बारे में सोच पाते। आज 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि का अधिकार पत्र सौंपा गया है। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों को तत्कालीन सरकार में हक नहीं मिला, लेकिन ऐसे 2350 परिवारों को आज 4251 हेक्टेयर भूमि का भौमिक अधिकार मिल रहा है। जो कभी नहीं हुआ, वह कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है।

उन्होंने विधायक रोमी साहनी की मांगों को लिखित में शासन को भेजने का निर्देश दिया। सीएम ने उनसे यह भी कहा कि बेकरी व्यवसाय को चंदन चौकी और आसपास के क्षेत्र में विस्तार दिया जाए, ताकि थारू समाज द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जा सके। यहां 300 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूह काम कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि असमय ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। हमने जल्द ही सर्वे रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित किसानों को फसल बीमा योजना और आपदा राहत कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जनहानि और पशुहानि होने पर 24 घंटे में सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। अग्निकांड में फसल नुकसान होने पर मंडी समिति द्वारा तत्काल मुआवजा दिया जाएगा। संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज को लाभार्थी से उद्यमी बनाने का प्रयास किया जाएगा। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी इसी सोच का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास की मूर्तियों पर छत्र और बाउंड्रीवाल का निर्माण करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगी। यह कदम सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति को दर्शाता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी ने थारू समाज के लिए क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री योगी ने थारू समाज के खिलाफ पूर्व सरकार द्वारा दर्ज किए गए सभी झूठे मुकदमे वापस लेने की घोषणा की है।
यह निर्णय थारू समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह निर्णय थारू समाज को उनके अधिकारों की प्राप्ति में सहायक होगा और उनके संघर्ष को मान्यता देगा।
क्या सरकार ने थारू समाज को भूमि अधिकार दिया है?
हाँ, सरकार ने थारू समाज के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि का अधिकार पत्र सौंपा है।
सीएम योगी ने अन्य कौन सी योजनाओं का उद्घाटन किया?
सीएम योगी ने पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की 314 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
सरकार किसानों के लिए क्या कदम उठाने जा रही है?
सरकार पीड़ित किसानों को फसल बीमा योजना और आपदा राहत कोष से सहायता उपलब्ध कराएगी।
राष्ट्र प्रेस
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