इजरायल में यूपी के 6000 श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित, योगी सरकार की सतत निगरानी
सारांश
Key Takeaways
- 6000 श्रमिक इजरायल में सुरक्षित हैं।
- योगी सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।
- दूतावास ने सभी श्रमिकों के संपर्क में रहने का आश्वासन दिया है।
- सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों की सुरक्षा है।
- कोई भी श्रमिक लौटने की इच्छा रखता है तो सहायता उपलब्ध है।
लखनऊ, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल में चल रहे तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के 6000 से अधिक श्रमिक पूर्णतः सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी श्रमिकों की नियमित निगरानी की जा रही है। प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शन्मुगा सुंदरम लगातार इजरायल में भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं और वहां उपस्थित भारतीयों, विशेषकर यूपी के श्रमिकों की स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं।
दूतावास से मिली जानकारी के अनुसार, इजरायल में कार्यरत सभी भारतीय श्रमिक सुरक्षित हैं और वर्तमान में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या बड़े खतरे की सूचना नहीं है। इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह के साथ प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शन्मुगा सुंदरम लगातार यूपी के श्रमिकों के विषय में अद्यतन जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि भारत के राजदूत जेपी सिंह के साथ टेलीफोन पर उनकी नियमित बातचीत हो रही है। 11, 17 और 28 मार्च को साझा किए गए संदेशों में भारतीय राजदूत ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि सभी भारतीय श्रमिक, जिनमें उत्तर प्रदेश के श्रमिक भी शामिल हैं, सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में स्वाभाविक रूप से कुछ चिंता का माहौल है, लेकिन किसी भी श्रमिक द्वारा भारत लौटने की कोई विशेष मांग नहीं आई है। दूतावास सभी के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी हर आवश्यकता का ध्यान रखा जा रहा है।
राजदूत ने यह भी बताया कि कुछ यूपी के श्रमिकों ने हाल ही में भारत से आई पत्रकारों का स्वागत किया, जो इस बात का संकेत है कि स्थिति नियंत्रण में है और श्रमिक सामान्य जीवन जी रहे हैं। भारतीय दूतावास की पहली सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने भी प्रमुख सचिव के साथ बातचीत में पुष्टि की है कि यूपी के सभी श्रमिक सुरक्षित हैं और अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि कुछ भारतीय नागरिक, मुख्य रूप से व्यापारी और छात्र स्वेच्छा से वापस लौटे हैं, जिनकी यात्रा में दूतावास ने सहायता की। यदि कोई श्रमिक लौटना चाहे तो उसके लिए भी यही व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि दूतावास के कंट्रोल रूम को अब तक कोई गंभीर या आपात संदेश प्राप्त नहीं हुआ है और सभी श्रमिक स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। प्रमुख सचिव श्रम डॉ. शन्मुगा सुंदरम नियमित रूप से दूतावास के संपर्क में रहकर श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विदेशों में कार्यरत प्रदेश के सभी श्रमिक सुरक्षित रहें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उत्तर प्रदेश के श्रमिकों तक भी सरकार का यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंच चुका है कि किसी भी परिस्थिति में सरकार उनके साथ खड़ी है और यदि वे घर लौटना चाहेंगे तो उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
प्रमुख सचिव श्रम डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि इजरायल की पापुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी द्वारा संचालित कॉल सेंटर भी भारतीय श्रमिकों की सहायता के लिए सक्रिय है, जहां विभिन्न भाषाओं में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इजरायल में समय-समय पर मिसाइल हमलों की घटनाएं देखने को मिल रही हैं, फिर भी वहां रह रहे भारतीयों, विशेषकर उत्तर प्रदेश के श्रमिकों की स्थिति सामान्य बनी हुई है। सरकार और दूतावास दोनों मिलकर हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।