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क्या दीपावली के बाद बिहार में वायु गुणवत्ता हुई खराब? पटना में एक्यूआई 300 के पार

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क्या दीपावली के बाद बिहार में वायु गुणवत्ता हुई खराब? पटना में एक्यूआई 300 के पार

सारांश

दीपावली के बाद बिहार के कई जिलों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। पटना में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। प्रदूषण के बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। क्या बारिश इस समस्या का समाधान कर पाएगी?

मुख्य बातें

दीपावली के बाद प्रदूषण में वृद्धि हुई है।
पटना में एक्यूआई 300 से पार है।
मौसम विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हल्की बारिश से प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।
सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

पटना, 21 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दीपावली के बाद मंगलवार सुबह से बिहार में प्रदूषण की समस्या सामने आ रही है। पटना, गया, भागलपुर समेत कई आस-पास के जिलों में सुबह से ही धुएं की चादर ने शहर को घेर लिया है। इसके परिणामस्वरूप लोगों को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पटना में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 से ऊपर पहुंच गया है।

दीपावली की रात हुई आतिशबाजी ने हवा में विषैले कणों की परतें बिछा दी हैं। हवा की गति धीमी होने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण ये परतें अब स्थिर हो गई हैं। इसके कारण लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। जैसे ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं, वे मास्क पहन रहे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि अगले कुछ दिन यह स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र से 25 अक्टूबर के आसपास हल्की बारिश की संभावना है, जो इस जहरीली धुंध को धो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति महज 2-3 किमी/घंटा रह गई है, जिससे प्रदूषण के कण जमीन के करीब फंसे हुए हैं। गया और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में भी एक्यूआई 250 के आसपास है, जबकि हाजीपुर में तो 304 तक दर्ज हुआ है, जो 'सीवियर' श्रेणी में आता है। इस कारण से सांस की बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।

20 अक्टूबर की सुबह वाल्मीकिनगर का न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पटना में यह 24.7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 33.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इन तापमानों के साथ हवा की गति महज 2 से 3 किलोमीटर प्रति घंटा रही। इस कारण भी पटना सहित आस-पास के शहरों में हवा में धूलकण और धुआं फंसा रह गया।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लोगों को सुरक्षित रहने की आवश्यकता है। जब लोग घर से बाहर निकलें, तो मुंह पर मास्क अवश्य लगाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर पर प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि दीपावली के बाद बढ़ते प्रदूषण का असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। हमें इस समस्या का समाधान खोजना होगा, ताकि लोग सुरक्षित रह सकें।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपावली के बाद बिहार में प्रदूषण क्यों बढ़ा?
दीपावली की रात आतिशबाजी के कारण हवा में विषैले कणों की परतें बन गई हैं।
पटना का एक्यूआई कितना है?
पटना का एक्यूआई 300 से ऊपर पहुंच गया है।
वायु गुणवत्ता में सुधार कब हो सकता है?
बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र से 25 अक्टूबर के आसपास हल्की बारिश की संभावना है।
प्रदूषण का स्वास्थ्य पर क्या असर है?
प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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