मुनाफावसूली के चलते सेफ-हेवन की मांग में कमी से सोने-चांदी के दामों में गिरावट

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मुनाफावसूली के चलते सेफ-हेवन की मांग में कमी से सोने-चांदी के दामों में गिरावट

सारांश

इस शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोने और चांदी के दामों में गिरावट देखी गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और सुरक्षित निवेश की मांग में कमी ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला। जानें सोने-चांदी की कीमतों का हाल और भविष्य के रुझान।

Key Takeaways

  • सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण मुनाफावसूली है।
  • बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग में कमी आई है।
  • विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतें 1,53,000 रुपए के ऊपर स्थिर रहने पर बढ़ सकती हैं।
  • चांदी की कीमतें 2,42,000 रुपए के आस-पास बनी हुई हैं।
  • भू-राजनीतिक तनाव की स्थिति में कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है।

मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में लगभग 1 प्रतिशत की कमी देखी गई। निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) करने और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग में कमी आने के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना।

एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव (5 जून) 0.50 प्रतिशत से अधिक गिरकर 1,52,419 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया, जबकि दिन के दौरान सोने ने 1,52,990 रुपए का उच्च स्तर भी छुआ। हालांकि, खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 12 बजे) यह 849 रुपए यानी 0.55 प्रतिशत गिरकर 1,52,585 रुपए पर ट्रेड कर रहा था।

चांदी (5 मई वायदा) भी लगभग 0.80 प्रतिशत गिरकर 2,41,510 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई, जबकि यह एक समय 2,43,704 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। खबर लिखे जाने तक चांदी 2,333 रुपए यानी 0.96 प्रतिशत गिरकर 2,41,435 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

विश्लेषकों के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड वर्तमान में 1,52,500 रुपए के आस-पास बना हुआ है और निचले स्तरों पर खरीदारी भी देखी जा रही है, लेकिन तेजी का मजबूत संकेत अभी तक नहीं मिला है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कीमत 1,53,000 रुपए के ऊपर टिकती है, तो यह 1,55,000 रुपए तक जा सकती है।

यदि कीमत 1,52,000 रुपए से नीचे जाती है, तो यह 1,50,000 से 1,48,000 रुपए तक गिर सकती है। वर्तमान में रुख थोड़ा सकारात्मक है, लेकिन मजबूत तेजी के लिए एक ब्रेकआउट जरूरी है।

चांदी के मामले में, यह 2,42,000 रुपए के आस-पास बनी हुई है, जिसे सेफ-हेवन डिमांड और इंडस्ट्रियल डिमांड का समर्थन मिल रहा है।

हालांकि, इसकी चाल अभी भी सतर्क बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, 2,45,000 से 2,47,000 रुपए के बीच रेजिस्टेंस है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमत 2,50,000 से 2,52,000 रुपए तक जा सकती है।

नीचे की ओर यदि 2,40,000 रुपए का स्तर टूटता है, तो यह 2,36,000 से 2,35,000 रुपए तक गिर सकती है।

हाल के दिनों में कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि निवेशक अब शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, खासकर जब भू-राजनीतिक तनाव में कुछ कमी के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच बनी अनिश्चितता के कारण सोना-चांदी की कीमतों में अधिक गिरावट फिलहाल सीमित रह सकती है।

Point of View

निवेशकों के लिए सोने और चांदी में निवेश का निर्णय चिंताजनक हो सकता है। मुनाफावसूली और सुरक्षित निवेश की कमी ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में स्थिरता के लिए और संकेतों की आवश्यकता होगी।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण मुनाफावसूली और सुरक्षित निवेश की मांग में कमी है।
क्या सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं?
यदि कीमत 1,53,000 रुपए के ऊपर टिकती है, तो यह बढ़ सकती है।
चांदी की कीमतें किस स्तर पर स्थिर हैं?
चांदी की कीमतें 2,42,000 रुपए के आस-पास स्थिर हैं।
क्या भू-राजनीतिक तनाव का असर कीमती धातुओं पर पड़ता है?
हाँ, भू-राजनीतिक तनाव कीमती धातुओं की कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।
क्या निवेशकों को अभी सोने में निवेश करना चाहिए?
वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना बेहतर है, क्योंकि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
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