क्या युवराज का रिकॉर्ड तोड़ना नामुमकिन है, लेकिन कोई भी बल्लेबाज ऐसा कर सकता है?
सारांश
Key Takeaways
- अभिषेक शर्मा ने 14 गेंदों में अर्धशतक बनाया।
- यह दुसरा सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक है।
- भारत ने 10 ओवर में मैच जीत लिया।
- अभिषेक का प्रदर्शन बेहतरीन था।
- युवराज का रिकॉर्ड चुनौतीपूर्ण है।
गुवाहाटी, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने रविवार को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में मात्र १४ गेंदों में अर्धशतक बनाया। यह किसी भारतीय द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक था।
टी20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक युवराज सिंह के नाम है, जिन्होंने २००७ में इंग्लैंड के खिलाफ १२ गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी।
रविवार को टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने ९ विकेट खोकर १५३ रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने अभिषेक शर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव के बीच ४० गेंदों में १०२ रन की अटूट साझेदारी की बदौलत महज १० ओवरों में मैच जीत लिया। अभिषेक ने २० गेंदों में ५ छक्कों और ७ चौकों के साथ नाबाद ६८ रन बनाए, जबकि सूर्या ने २६ गेंदों में ९ बाउंड्री के साथ ५७ रन की नाबाद पारी खेली।
मैच के बाद अपनी शानदार पारी पर बात करते हुए अभिषेक ने कहा, "टीम मुझसे यही चाहती है और मैं हर बार इसे करना चाहता हूं। लेकिन यह निश्चित रूप से हर बार संभव नहीं होता है, और मैं समझता हूं कि यह सब मानसिकता और ड्रेसिंग रूम के माहौल पर निर्भर करता है।"
उन्होंने कहा, "युवराज सिंह का सबसे तेज टी20 अर्धशतक का रिकॉर्ड तोड़ना किसी के लिए भी नामुमकिन से अधिक है, लेकिन फिर भी, आप कभी नहीं जानते। कोई भी बल्लेबाज ऐसा कर सकता है। मुझे लगता है कि इस सीरीज में सभी बल्लेबाज बेहतरीन खेल रहे हैं। आगे भी यह सीरीज रोमांचक होने वाली है।"
पहली ही गेंद पर छक्का मारने के बारे में उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं पहली गेंद से ही छक्का मारना चाहता हूं। यह बस विकेट के बीच मेरी स्वाभाविक प्रवृत्ति है। मैं गेंदबाज के बारे में सोचता हूं कि अगर वह मुझे पहली गेंद पर आउट करना चाहता है, तो वह मुझे किस तरह की गेंद फेंक सकता है? यह हमेशा मेरे दिमाग में रहता है और मैं बस उसी गेंद पर खेलना चाहता हूं।"
अपने फुटवर्क के बारे में बताते हुए अभिषेक ने कहा, "अगर आप ध्यान से देखें तो यह सब फील्ड प्लेसमेंट पर निर्भर करता है। अगर लेग साइड पर फील्डर न हो तो मैं कभी भी उस तरफ आगे नहीं बढ़ता। जब मुझे अपने लिए थोड़ा-सा स्पेस मिल जाता है, तो मेरे पास ऑफ साइड में पूरा ग्राउंड होता है। यही बात हमेशा मेरे दिमाग में रहती है। मैं बस फील्ड के हिसाब से खेलना चाहता हूं।"