एन से-यंग ने डेनमार्क ओपन में 47वां खिताब जीता, बनीं बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल महिला एकल खिलाड़ी
सारांश
मुख्य बातें
साउथ कोरिया की वर्ल्ड नंबर-1 बैडमिंटन खिलाड़ी एन से-यंग ने 19 अक्टूबर 2026 को ओडेंस, डेनमार्क में खेले गए डेनमार्क ओपन के फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-23, 21-14, 21-18 से हराकर अपने करियर का 47वां अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ 24 वर्षीय कोरियाई स्टार ने बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल महिला एकल खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
नाटकीय वापसी का रोमांचक सफर
यह 78 मिनट का मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। एन से-यंग पहला गेम 21-23 से गँवा बैठीं, लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने 21-14 से दमदार वापसी की। निर्णायक तीसरे गेम में 5-11 से पिछड़ने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त मानसिक दृढ़ता दिखाई और मैच 21-18 से अपने नाम किया। कोर्ट के धीमे हिस्से ने उनका आत्मविश्वास वापस लाने में सहायता की, जिसके बाद उन्होंने लगातार पॉइंट्स जीते।
चोट के बावजूद ऐतिहासिक उपलब्धि
यह खिताब इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि दूसरे गेम के दौरान एन से-यंग कोर्ट पर फिसल गई थीं। उन्होंने बताया कि वह अभी देख रही हैं कि चोट कितनी गंभीर है। शारीरिक परेशानी झेलते हुए भी उन्होंने खेल नहीं छोड़ा और डेनमार्क के दर्शकों के उत्साहवर्धन से प्रेरित होकर मुस्कुराते हुए मैदान में डटी रहीं। इस जीत से इस सीजन में उनका रिकॉर्ड 61 जीत और महज 1 हार हो गया है, जो इस साल उनका नौवां सिंगल्स खिताब है।
सुसी सुसांती का रिकॉर्ड पीछे छूटा
इस जीत के साथ एन से-यंग ने इंडोनेशिया की दिग्गज सुसी सुसांती को पीछे छोड़ दिया, जो अब तक बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल महिला एकल खिलाड़ी मानी जाती थीं। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब एन से-यंग का दबदबा वर्ल्ड सर्किट पर लगातार बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि इतनी कम उम्र में इतने खिताब जीतना किसी महिला एकल खिलाड़ी के लिए अभूतपूर्व है।
अन्य वर्गों के परिणाम
मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में चीन के जियांग झेनबांग और वेई याक्सिन ने अपने ही देश के फेंग यान्झे और हुआंग डोंगपिंग को 21-18, 8-21, 21-16 से हराकर खिताब जीता। इस हार के साथ फेंग और हुआंग का लगातार चौथी बार डेनमार्क ओपन जीतने का सपना अधूरा रह गया।
मेंस सिंगल्स में फ्रांस के एलेक्स लैनियर ने टूर्नामेंट के इतिहास में यह खिताब जीतने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसेन को 21-15, 13-21, 21-13 से पराजित किया।
मेंस डबल्स में इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी ने मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-8, 21-11 से हराकर खिताब जीता। विमेंस डबल्स में मलेशिया की पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन ने जापान की हिनाता सुजुकी और नाओ यामाकिता को 21-18, 21-11 से हराया।
आगे क्या
एन से-यंग की इस उपलब्धि के बाद बैडमिंटन जगत की निगाहें अब उनके अगले टूर्नामेंट और सीजन-एंड वर्ल्ड टूर फाइनल्स पर होंगी, जहाँ वह अपने असाधारण सीजन को और भी यादगार बना सकती हैं।