BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: एन से यंग ने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराकर दूसरा विश्व खिताब जीता
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के महिला सिंगल्स फाइनल में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी एन से यंग ने रविवार, 23 अगस्त को नई दिल्ली में डिफेंडिंग चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेम में 21-17, 21-14 से पराजित कर अपना दूसरा BWF विश्व खिताब अपने नाम किया। ओलंपिक चैंपियन एन ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी गेम नहीं गंवाया, जो उनके वर्चस्व की स्पष्ट गवाही देता है।
फाइनल का घटनाक्रम
पहला गेम कड़े संघर्ष का रहा। 15-12 से आगे चल रही एन को यामागुची ने 16-15 पर पीछे छोड़ दिया, लेकिन कोरियाई स्टार ने तुरंत वापसी की। सटीक विनर शॉट्स और प्रतिद्वंद्वी की अनफोर्स्ड गलतियों का फायदा उठाते हुए एन ने लगातार चार अंक जीते और पहला गेम 21-17 से अपने नाम किया।
दूसरे गेम में जापानी खिलाड़ी ने 4-2 की शुरुआती बढ़त बनाई, लेकिन एन ने जल्द ही पासा पलट दिया। 7-6 से आगे होने के बाद उन्होंने 11-7 की मजबूत बढ़त बनाई। 16-11 और फिर 17-13 के स्कोर पर एन ने एक लंबी रैली के अंत में शानदार ड्रॉप शॉट खेला जिसने यामागुची को संतुलन खो देने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद तीन और अंक जोड़कर एन ने 21-14 से गेम और मैच अपने नाम किया।
एन से यंग की उपलब्धियाँ
एन से यंग ने 2023 में कोपेनहेगन में अपना पहला BWF विश्व खिताब जीता था। इसके बाद 2024 में पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर वे ओलंपिक चैंपियन बनीं। पिछले वर्ष पेरिस में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार नई दिल्ली में उन्होंने अपने छह मैचों के पूरे अभियान में एक भी गेम नहीं गंवाया — यह प्रदर्शन उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म का संकेत है।
यामागुची के खिलाफ एन का सिलसिला अब लगातार छह जीत तक पहुँच गया है और दोनों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 20-15 हो गया है।
यामागुची के लिए निराशा
तीन बार की BWF विश्व चैंपियन अकाने यामागुची चौथी बार यह खिताब जीतने की दावेदार थीं। विश्व रैंकिंग में नंबर-2 स्थान पर काबिज जापानी स्टार ने दोनों गेम में आक्रामक शुरुआत की, लेकिन एन की निरंतरता और दबाव में अंक बटोरने की क्षमता के सामने वे टिक नहीं सकीं। यह हार यामागुची के लिए इस सत्र की सबसे बड़ी निराशाओं में से एक है।
आगे क्या
इस जीत के साथ एन से यंग ने विश्व नंबर-1 की अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। बैडमिंटन विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वे इसी लय को बनाए रखती हैं तो आगामी सुपर सीरीज़ और एशियाई चैंपियनशिप में भी वे प्रबल दावेदार होंगी। यह जीत महिला बैडमिंटन में दक्षिण कोरिया के वर्चस्व को एक बार फिर रेखांकित करती है।