क्या आप इस खेल के महान दूत रहे हैं? अनिल कुंबले ने चेतेश्वर पुजारा के संन्यास पर क्या कहा

सारांश
Key Takeaways
- अनिल कुंबले ने पुजारा को क्रिकेट का सच्चा दूत बताया।
- पुजारा ने 7,195 रन बनाए, जो उनकी मेहनत का प्रतीक है।
- कई दिग्गज क्रिकेटरों ने पुजारा को शुभकामनाएं दी हैं।
- पुजारा का सर्वाधिक स्कोर 206 रन है।
- वे टेस्ट क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं।
नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और महान स्पिनर अनिल कुंबले ने चेतेश्वर पुजारा के क्रिकेट से संन्यास लेने पर उन्हें दूसरी पारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं। कुंबले ने पुजारा को क्रिकेट का असली दूत बताया है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अनिल कुंबले ने लिखा, "आपके शानदार करियर के लिए बधाई, आप इस अद्भुत खेल के एक उत्कृष्ट दूत रहे हैं। क्रिकेट के मैदान पर आपकी सभी उपलब्धियों पर हमें गर्व है। आपने टीम के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया। आपके साथ काम करना हमारे लिए गर्व की बात थी और हमें उम्मीद है कि आप अपनी दूसरी पारी में भी इसी तरह चमकते रहेंगे। आपको, पूजा, अदिति और आपके पिताजी को शुभकामनाएं।"
चेतेश्वर पुजारा को उनके संन्यास पर आईसीसी, बीसीसीआई, सीएसके, पंजाब किंग्स, एसआरएच ने भी शुभकामनाएं दी हैं।
इसके अलावा वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण, गौतम गंभीर, सूर्यकुमार यादव, आर अश्विन, वसीम जाफर, ऋद्धिमान साहा जैसे दिग्गजों ने भी उनके शानदार करियर के लिए बधाई दी है।
चेतेश्वर पुजारा की पहचान टेस्ट फॉर्मेट के एक विश्वसनीय बल्लेबाज के रूप में रही है। उनके करियर में अनेक ऐसे मौके आए जब पुजारा ने मुश्किल में फंसी भारतीय टीम को अपनी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी से जीत की राह दिखाई। वह एक दशक से अधिक समय तक टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की महत्वपूर्ण कड़ी रहे हैं। देश-विदेश में टेस्ट क्रिकेट में मिली सफलता में उनका अहम योगदान रहा है।
2010 से 2023 के बीच पुजारा ने 103 टेस्ट की 176 पारियों में 43.37 की औसत से 7,195 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 19 शतक, जिनमें 3 दोहरे शतक शामिल हैं, और 35 अर्धशतक बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर 206 रहा। भारत की ओर से उन्होंने पांच वनडे भी खेले हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी पुजारा को संन्यास के बाद शुभकामनाएं दी और उनके शानदार खेल की झलकियां भी साझा की। बीसीसीआई ने पुजारा की टेस्ट पारियों का वीडियो साझा किया और कहा कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे साहसी और बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।