एनरिक नॉर्टजे की तीन साल बाद टेस्ट वापसी: किंग्समीड में 2 विकेट, बोले — 'सबसे बेहतरीन फॉर्मेट'
सारांश
मुख्य बातें
साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्टजे ने तीन साल के लंबे इंतजार के बाद किंग्समीड, डरबन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार वापसी की। नॉर्टजे ने पहले दिन 2 विकेट लेकर मेजबान टीम को ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 187/6 पर रोकने में अहम भूमिका निभाई, हालांकि बाद में खराब रोशनी और बारिश के चलते खेल जल्दी समाप्त करना पड़ा। मैच के बाद नॉर्टजे ने टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे चुनौतीपूर्ण और प्रिय फॉर्मेट बताया।
मैदान पर प्रदर्शन
दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने एक ही ओवर में एलेक्स कैरी (14 रन) और ब्यू वेबस्टर (4 रन) को पवेलियन भेजा, जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 124/6 हो गया। नॉर्टजे के अलावा वियान मुल्डर और मार्को जानसन ने भी दो दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी पर दबाव बनाए रखा। मुल्डर ने खतरनाक ट्रेविस हेड को आउट किया, जबकि जानसन ने निक मैडिंसन और स्टीव स्मिथ के विकेट हासिल किए।
दिन के अंतिम सत्र में मैट रेनशॉ (46 रन नाबाद) और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस (33 रन नाबाद) ने सातवें विकेट के लिए अटूट 63 रनों की साझेदारी की और टीम को संकट से उबारा। दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले मुकाबला पूरी तरह संतुलित दिख रहा है।
तीन साल का लंबा इंतजार
नॉर्टजे ने आखिरी बार 2023 में सेंचुरियन में वेस्टइंडीज के खिलाफ साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद फिटनेस समस्याओं और मौकों के हाथ से निकल जाने की वजह से वह लंबे समय तक टेस्ट टीम से बाहर रहे। क्रिकइन्फो के हवाले से नॉर्टजे ने कहा, "मैं हमेशा से टेस्ट खेलना चाहता था। मगर मौके, समय और हालात हमेशा सही नहीं रहे। जाहिर है कि कुछ समस्याओं के कारण चीजें हमेशा वैसी नहीं हुईं जैसी होनी चाहिए थीं।"
चोट जिसने राह में रोड़े अटकाए
टेस्ट वापसी की कोशिशों को याद करते हुए नॉर्टजे ने पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के दौरान आई चोट का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नेट अभ्यास के दौरान डेविड के रिवर्स स्विंग गेंद फेंकने पर उनकी पैर की उंगली टूट गई थी, जिससे टेस्ट टीम में वापसी की योजनाएं बाधित हो गईं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के सबसे करीब पहुंचा था। वनडे मैचों के दौरान मेरे पैर की उंगली टूट गई थी... आखिरकार सब कुछ ठीक हो गया और मैं मैदान पर वापस आ सका, देश के लिए फिर से खेल सका, खासकर टेस्ट कैप पहनकर। घर पर रखे रखे यह थोड़ी पुरानी हो गई है।"
टेस्ट क्रिकेट के प्रति जुनून
नॉर्टजे ने यह भी साफ किया कि वह टेस्ट क्रिकेट की शारीरिक चुनौतियों को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे कड़ी मेहनत करना पसंद है। दूसरा, तीसरा या शायद चौथा स्पेल खेल का वह हिस्सा है जिसका मैं सबसे अधिक आनंद लेता हूं, जहां आपको अपनी पूरी ताकत लगानी होती है और टीम के लिए कुछ हासिल करने की कोशिश करनी होती है। शायद यह सबसे अच्छा फॉर्मेट है। तो हां, यहां दोबारा आकर अच्छा लग रहा है।"
गौरतलब है कि नॉर्टजे की यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब साउथ अफ्रीका का टेस्ट क्रिकेट विश्व क्रिकेट में अपनी साख फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। एक अनुभवी तेज गेंदबाज की पुनः उपस्थिति प्रोटियाज गेंदबाजी आक्रमण को और धारदार बनाती है।