आर्कटिक ओपन 2026: गरागा-रॉय ने पाँचवीं वरीयता को हराया, प्रणय-श्रीकांत टूर्नामेंट से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
आर्कटिक ओपन 2026 में 8 अक्टूबर को भारत के लिए मिली-जुली तस्वीर उभरी — एक तरफ कृष्णा प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की जोड़ी ने चीन की पाँचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी हे जी टिंग/रेन जियांग यू को 10-21, 21-18, 22-20 से हराकर मेंस डबल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, तो दूसरी तरफ अनुभवी सिंगल्स खिलाड़ी एचएस प्रणय और किदांबी श्रीकांत को जल्दी विदाई लेनी पड़ी। 61 मिनट के इस थ्रिलर मुकाबले ने भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को रोमांच और निराशा, दोनों एक साथ दिए।
गरागा-रॉय का शानदार पलटवार
बिना वरीयता वाली भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 10-21 से गँवाने के बाद दमदार वापसी की और अगले दो गेम 21-18 तथा 22-20 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि गरागा और रॉय ने मई में लगातार दो हफ्तों में सेंट-डेनिस रीयूनियन ओपन और मैक्सिकन इंटरनेशनल चैलेंज खिताब जीते थे। अब उनका अगला मुकाबला क्वार्टर फाइनल में जगह के लिए इंग्लैंड के ओलिवर बटलर और सैमुअल जोन्स की जोड़ी से होगा।
श्रीकांत का मुश्किल सफर और जारी
वर्ल्ड नंबर 31 खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने कनाडा के ब्रायन यांग के खिलाफ पहला गेम 21-15 से जीतकर उम्मीद जगाई, लेकिन पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 अपनी लय कायम नहीं रख सके और मुकाबला 21-15, 15-21, 13-21 से गँवा बैठे। गौरतलब है कि इस हार के साथ श्रीकांत के लिए यह सीजन और कठिन हो गया है — इस साल BWF वर्ल्ड टूर पर वे आठ बार पहले ही दौर में हारे हैं। उनका इस साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जून में यूएस ओपन सुपर 300 में उपविजेता रहना रहा।
प्रणय की चुनौती जल्द हुई खत्म
चौथी वरीयता प्राप्त डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसेन के सामने एचएस प्रणय की चुनौती और भी तेज़ी से समाप्त हुई। 34 वर्षीय प्रणय — जो पिछले महीने वियतनाम ओपन सुपर 100 के सेमीफाइनल तक पहुँचे थे — एंटोनसेन के सामने 21-10, 21-9 से हारे। यह नतीजा दर्शाता है कि शीर्ष यूरोपीय खिलाड़ियों के खिलाफ प्रणय की संघर्षशीलता अभी भी चुनौती बनी हुई है।
मन्नेपल्ली और चौहान का सफर
मेंस सिंगल्स में भारत की उम्मीदें अब थारुन मन्नेपल्ली पर टिकी हैं, जिन्होंने क्वालीफाइंग राउंड से मेन ड्रॉ में जगह बनाई और मंगलवार को डेनमार्क के मैग्नस जोहानसेन को 21-16, 21-14 से हराया। अगले दौर में उनका सामना फ्रांस के दूसरी वरीयता प्राप्त क्रिस्टो पोपोव से होगा — जो कड़ी परीक्षा होगी। दूसरी तरफ, रौनक चौहान का सफर खत्म हो गया; चीन के वेंग होंग यांग ने उन्हें 22-20, 20-22, 21-17 से हराया, हालांकि चौहान ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की थी।
सिंधु और तन्वी की चुनौती आज
विमेंस सिंगल्स में भारतीय अभियान 8 अक्टूबर को आगे बढ़ेगा, जब दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु जापान की रिको गुंजी से भिड़ेंगी। छठी वरीयता प्राप्त सिंधु के लिए यह मुकाबला फॉर्म बहाल करने का मौका होगा। वहीं, तन्वी शर्मा का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त और पूर्व विश्व चैंपियन थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन से होगा — जो निस्संदेह टूर्नामेंट का सबसे कठिन पहले दौर का मुकाबला होगा।