यूएस ओपन बैडमिंटन: किदांबी श्रीकांत फाइनल में, ओकिमोटो को 22-20, 15-21, 21-19 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
किदांबी श्रीकांत ने 28 जून 2026 को फुलर्टन, अमेरिका में जारी यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष एकल सेमीफाइनल में जापान के युदाई ओकिमोटो को 22-20, 15-21, 21-19 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। दुनिया के पूर्व नंबर एक रहे 33 वर्षीय श्रीकांत के लिए यह 2026 सीज़न का पहला फाइनल है।
मुख्य घटनाक्रम
कुल 1 घंटे 12 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में श्रीकांत ने चौथी वरीयता प्राप्त ओकिमोटो के खिलाफ धैर्य और अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। पहले गेम में ओकिमोटो ने 11-17 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए गेम प्वाइंट हासिल किया, लेकिन श्रीकांत ने अपना संयम बनाए रखा और अगले दो अंक जीतकर पहला गेम 22-20 से अपने नाम किया।
दूसरे गेम में जापानी शटलर ने शानदार खेल दिखाते हुए 21-15 से बराबरी की। तीसरे और निर्णायक गेम में श्रीकांत ने 10-5 की बढ़त बनाई, परंतु ओकिमोटो ने स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। इसके बाद श्रीकांत ने लगातार छह अंक जीतकर पुनः बढ़त ली, हालांकि लगातार पाँच अंक गँवाने के बाद स्कोर 18-18 पर आ गया। दबाव के उस क्षण में श्रीकांत ने अपने अनुभव का पूरा लाभ उठाया और अंतिम गेम 21-19 से जीतकर फाइनल की राह पक्की की।
फाइनल में प्रतिद्वंद्वी
फाइनल में श्रीकांत का सामना चीनी ताइपे के आठवीं वरीयता प्राप्त सू ली यांग से होगा, जिन्होंने सेमीफाइनल में भारत के युवा खिलाड़ी रौनक चौहान को 21-17, 21-19 से पराजित किया।
रौनक चौहान का शानदार सफर
भारत के 19 वर्षीय उभरते खिलाड़ी रौनक चौहान का यूएस ओपन अभियान सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। हालांकि, इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उन्होंने क्वालिफाइंग दौर के दोनों मुकाबले जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी शंकर सुब्रमण्यम को हराया। इसके बाद दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी चाउ टिएन चेन को 21-17, 26-24 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मिशा जिल्बरमैन को 23-21, 21-11 से मात दी।
देविका सिहाग भी सेमीफाइनल में बाहर
महिला एकल में भारत की देविका सिहाग का सफर भी सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। उन्होंने डेनमार्क की दूसरी वरीयता प्राप्त लाइन क्रिस्टोफरसेन के खिलाफ पहला गेम 21-15 से जीता, लेकिन बाद में लय बनाए नहीं रख सकीं और 21-15, 11-21, 15-21 से मैच गँवा दिया।
आगे क्या
श्रीकांत का फाइनल मुकाबला सू ली यांग के विरुद्ध होगा, जो इस टूर्नामेंट में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक हैं। यदि श्रीकांत खिताब जीतते हैं, तो यह उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि होगी और भारतीय बैडमिंटन के लिए एक सकारात्मक संकेत।