एशियन गेम्स 2026: चारों क्वार्टर फाइनल बारिश से रद्द, सेमीफाइनल में भारत-श्रीलंका और पाकिस्तान-बांग्लादेश की टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट इवेंट में निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाने वाले सभी चार क्वार्टर फाइनल मुकाबले लगातार बारिश की भेंट चढ़ गए और बिना टॉस के ही रद्द कर दिए गए। इसके परिणामस्वरूप भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान — चारों टीमें — ग्रुप चरण की बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में पहुँच गईं। अब 1 अक्टूबर 2026 को दोनों सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएँगे।
क्वार्टर फाइनल: कैसे धुले सभी मैच
सोमवार, 29 सितंबर को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में दो क्वार्टर फाइनल निर्धारित थे। पहले मुकाबले में पाकिस्तान और हांगकांग के बीच तथा दूसरे में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाना था। लेकिन मूसलाधार बारिश के कारण दोनों ही मैच बिना टॉस के रद्द करने पड़े। पाकिस्तान पहले क्वार्टर फाइनल से और भारत दूसरे क्वार्टर फाइनल से सेमीफाइनल में पहुँचे।
मंगलवार, 30 सितंबर को तीसरे और चौथे क्वार्टर फाइनल भी इसी मैदान पर खेले जाने थे। तीसरे में श्रीलंका और नेपाल तथा चौथे में बांग्लादेश और मलेशिया की भिड़ंत होनी थी। ये दोनों मैच भी बारिश की वजह से बिना टॉस के रद्द कर दिए गए, जिससे श्रीलंका और बांग्लादेश को सेमीफाइनल में जगह मिली।
सेमीफाइनल का कार्यक्रम
क्वार्टर फाइनल चरण पूरी तरह बारिश से धुलने के बाद सेमीफाइनल की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। पहला सेमीफाइनल — बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान — गुरुवार, 1 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे IST से शुरू होगा।
दूसरा सेमीफाइनल — श्रीलंका बनाम भारत — उसी दिन सुबह 10:30 बजे IST से खेला जाएगा। दोनों मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही आयोजित होने हैं।
बारिश को लेकर चिंता बरकरार
यह ऐसे समय में आया है जब क्वार्टर फाइनल फेज के सभी चार मैच बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो चुके हैं। टीमों, आयोजकों और क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह आशंका बनी हुई है कि कहीं सेमीफाइनल भी बारिश की भेंट न चढ़ जाएँ। गौरतलब है कि फाइनल और तीसरे स्थान के लिए मुकाबला भी इसी मैदान पर खेला जाना है, इसलिए मौसम की स्थिति पूरे टूर्नामेंट के नतीजे पर असर डाल सकती है।
आम जनता और फैंस पर असर
भारत-श्रीलंका सेमीफाइनल को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट फैंस में खासा उत्साह है, लेकिन बारिश की आशंका ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यदि सेमीफाइनल भी रद्द होते हैं, तो फाइनल में पहुँचने वाली टीमों का फैसला फिर से रैंकिंग के आधार पर होगा — जो खेल की भावना के लिहाज से एक असंतोषजनक नतीजा होगा। आयोजकों से उम्मीद की जा रही है कि वे मैचों के लिए रिजर्व डे या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें।