एशियन गेम्स 2026: विदरसा-तिलोत्तमा-आशी की तिकड़ी ने दिलाया सिल्वर, प्रियंका गांधी पहुँचीं घर
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में भारत की निशानेबाज़ तिकड़ी — विदरसा विनोद कोचलुमकल, तिलोत्तमा सेन और आशी चौकसे — ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में 1763 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। जापान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत की यह उपलब्धि खेल जगत में चर्चा का विषय बनी, और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार शाम कोझिकोड के तिरुवंबाडी में विदरसा के घर पहुँचकर उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।
मेडल का सफर: स्कोरबोर्ड पर नज़र
जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में इस इवेंट का स्वर्ण चीन ने 1773 अंक के साथ जीता। भारतीय टीम ने 1763 अंक के साथ दूसरा स्थान और रजत पदक हासिल किया, जबकि कजाकिस्तान 1754 अंक के साथ कांस्य पदक पर रहा। तीनों देशों के बीच कुल अंतर मात्र 19 अंकों का रहा, जो दर्शाता है कि मुकाबला कितना कड़ा था।
व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में चीन की हान जियायु ने 594 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। तिलोत्तमा सेन ने 590 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए 8 शूटर्स वाले व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश किया। विदरसा ने 588 अंक के साथ छठा स्थान प्राप्त किया, जबकि आशी चौकसे 585 अंक के साथ 15वें स्थान पर रहीं।
तिकड़ी का प्रदर्शन: नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग
भारतीय तिकड़ी तीनों पोजीशन — घुटने के बल (नीलिंग), पेट के बल (प्रोन) और खड़े होकर (स्टैंडिंग) — में पूरे क्वालिफिकेशन के दौरान मेडल की दौड़ में बनी रही। विदरसा नीलिंग शूटिंग के दौर में रैंकिंग में पीछे चली गई थीं, लेकिन प्रोन और स्टैंडिंग पोजीशन में उनकी मज़बूत वापसी ने टीम स्कोर को संभाले रखा।
तिलोत्तमा नीलिंग और प्रोन दोनों दौर के बाद शीर्ष-3 में पहुँच गई थीं, जो टीम के लिए एक मज़बूत आधार बना। आशी का व्यक्तिगत स्कोर भले ही 15वें स्थान पर रहा, लेकिन टीम स्टैंडिंग में उनका योगदान सिल्वर मेडल सुनिश्चित करने में निर्णायक रहा।
प्रियंका गांधी का विदरसा के घर दौरा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी मलप्पुरम से वायनाड जाते समय शनिवार शाम तिरुवंबाडी में विदरसा के घर रुकीं। विदरसा के पिता केडी विनोद और माँ अनीता ने कांग्रेस सांसद का स्वागत किया। इस मुलाक़ात के दौरान कृषि मंत्री टी. सिद्दीक भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि वायनाड संसदीय क्षेत्र से सांसद प्रियंका गांधी ने इस अवसर पर परिवार को बधाई देकर अपने क्षेत्र की उपलब्धि को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित किया।
व्यक्तिगत इवेंट में भारत का प्रयास
टीम का सिल्वर मेडल पक्का होने के बाद, सभी की निगाहें व्यक्तिगत 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट पर टिक गईं, जहाँ तिलोत्तमा और विदरसा एक बार फिर रेंज में उतरीं। हालाँकि, दोनों शूटर इस बार व्यक्तिगत पदक हासिल नहीं कर सकीं।
यह प्रदर्शन भारतीय निशानेबाज़ी के बढ़ते कद को दर्शाता है, और आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में इस तिकड़ी से बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।