ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने 2-0 से जीती टी20 सीरीज, तीसरा मैच बारिश से रद्द; गार्डनर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज'
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। 22 अक्टूबर 2026 को सिडनी में खेला जाने वाला तीसरा और अंतिम टी20 मुकाबला लगातार बारिश के कारण रद्द कर दिया गया, जिससे पहले दो मैच जीत चुकी ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर अपनी मुहर लगा दी। एश्ले गार्डनर को उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया।
तीसरे टी20 का हाल: बारिश ने खेल रोका
लगातार बारिश के चलते सिडनी में तीसरे टी20 का टॉस देरी से हो सका। मैच को घटाकर 14-14 ओवर का कर दिया गया। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी।
सोफी मोलिनेक्स ने दूसरे ही ओवर में मेली केर को महज 4 रन पर पवेलियन भेजा। अगले ओवर में किम गार्थ ने जॉर्जिया प्लिमर को क्लीन बोल्ड करते हुए 2 रन पर आउट किया। 2.4 ओवर के खेल के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर था 11/2 — तभी मूसलाधार बारिश ने फिर खेल रोक दिया।
बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लिया और अंततः मैच रद्द करने का फैसला लिया गया। इससे ऑस्ट्रेलिया की 2-0 की सीरीज जीत पक्की हो गई।
सीरीज का मुख्य घटनाक्रम: दो मैचों में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा
पहले टी20 में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 162 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया ने यह लक्ष्य 18.5 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया और 2 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की।
दूसरे टी20 में ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 167 रन बनाए। जवाब में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर केवल 127 रन ही जुटा पाई और ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 40 रनों से जीता।
एश्ले गार्डनर: सीरीज की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी
पूरी सीरीज में एश्ले गार्डनर ने बल्ले और गेंद दोनों से जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने सीरीज में कुल 107 रन बनाने के साथ-साथ 2 विकेट भी चटकाए, जिसके दम पर उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार मिला।
दूसरे टी20 में गार्डनर ने सिर्फ 45 गेंदों में 10 चौके और 4 छक्कों की मदद से 84 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी, जो सीरीज की सबसे यादगार पारी रही।
आगे क्या
यह सीरीज जीत ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के लिए घरेलू मैदान पर एक और सफल अभियान को दर्शाती है। न्यूजीलैंड की टीम को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पहलुओं पर काम करना होगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में इसी जोश के साथ उतरेगी।