ऑस्ट्रेलिया-ए ने भारत-ए महिला टीम को 7 रन से हराया, न्यू चंडीगढ़ में 3-0 से क्लीन स्वीप
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया-ए विमेंस ने 17 सितंबर 2026 को न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे और अंतिम अनाधिकारिक टी20 मुकाबले में भारत-ए विमेंस को 7 रन से शिकस्त देकर सीरीज में 3-0 का क्लीन स्वीप पूरा कर लिया। मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पूरी सीरीज में एक भी मैच नहीं गँवाया और भारतीय 'ए' टीम को तीनों मुकाबलों में पराजित किया।
सीरीज का सफर
ऑस्ट्रेलिया-ए ने इस तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 6 विकेट से जीता था। दूसरे मैच में उसने 30 रन से जीत दर्ज कर सीरीज में अजेय बढ़त बना ली थी। तीसरे और निर्णायक मैच में 7 रन की जीत के साथ उसने क्लीन स्वीप की मुहर लगाई।
ऑस्ट्रेलिया-ए की पारी: अनिका लिरोइड का दमदार अर्धशतक
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का निर्णय लेने वाली ऑस्ट्रेलिया-ए ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 168 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज़ों ताहलिया विल्सन और रेचल ट्रेनामन ने पहले विकेट के लिए 24 रन जोड़े। ताहलिया 10 गेंदों में 16 रन बनाकर पवेलियन लौटीं, और 42 के स्कोर पर रेचल भी 20 रन बनाकर आउट हो गईं।
इसके बाद कोर्टनी वेब और अनिका लिरोइड ने तीसरे विकेट के लिए 100 रन की अहम साझेदारी कर टीम को मज़बूत आधार दिया। कोर्टनी ने 42 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों की मदद से 52 रन बनाए। अनिका लिरोइड ने 42 गेंदों में 3 छक्कों और 5 चौकों के साथ 61 रन की आक्रामक पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को प्रतिस्पर्धी लक्ष्य तक पहुँचाया। भारत की ओर से सयाली सतघारे और वैष्णवी शर्मा ने 2-2 विकेट हासिल किए।
भारत-ए की पारी: वृंदा का संघर्ष, लेकिन लक्ष्य अधूरा
169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत-ए की पूरी टीम 19.5 ओवरों में 161 रन पर सिमट गई। सलामी बल्लेबाज़ तेजल हसबनीस और दिनेश वृंदा ने पहले विकेट के लिए 7.4 ओवरों में 84 रन की तूफ़ानी साझेदारी करते हुए मेज़बान टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।
तेजल ने 24 गेंदों में 3 छक्के और 3 चौके लगाते हुए 42 रन बनाए। इसके बाद दिनेश वृंदा ने एक छोर थामे रखा और 41 गेंदों में 5 छक्कों और 5 चौकों के साथ 69 रन की पारी खेली। वृंदा के 14.5वें ओवर में आउट होते ही भारतीय पारी बिखर गई। निचले क्रम के 7 बल्लेबाज दहाई का आँकड़ा भी नहीं छू सके। ऑस्ट्रेलिया की ओर से टायला व्लामिंक और लिली मिल्स ने 3-3 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी।
आगे क्या
यह सीरीज अनाधिकारिक प्रारूप में खेली गई, लेकिन नतीजा भारतीय महिला टीम प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। बल्लेबाज़ी में शुरुआती साझेदारी के बावजूद मध्य और निचले क्रम की लगातार विफलता आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले गंभीर चिंता का विषय बनी रहेगी।