क्या बांग्लादेश क्रिकेट खिलाड़ियों को भारत की कंपनी से होगा बड़ा नुकसान?
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश क्रिकेट को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है।
- भारत की कंपनी एसजी ने स्पॉन्सरशिप वापस ली।
- खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीसीसीआई की होगी।
- बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
- यह स्थिति क्रिकेट के भविष्य पर असर डाल सकती है।
ढाका, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आईपीएल से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को एक और बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।
भारत की प्रमुख स्पोर्ट्स उत्पाद बनाने वाली कंपनी ‘एसजी’ ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के चलते बांग्लादेशी क्रिकेटरों के साथ अपना अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है।
एसजी बांग्लादेश के शीर्ष खिलाड़ियों जैसे कप्तान लिटन दास, यासिर रब्बी और मोमिनुल हक को स्पॉन्सर करती है। हालांकि, खिलाड़ियों को अनुबंध का नवीनीकरण न करने के बारे में औपचारिक रूप से नहीं बताया गया है, लेकिन उनके एजेंटों को इस विषय में सूचित कर दिया गया है।
टेलिकॉम एशिया नेट के अनुसार, एक बांग्लादेशी क्रिकेटर ने कहा, "ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में ऐसा होने की संभावना है।"
एसजी द्वारा अनुबंध न रिन्यू करने से बांग्लादेश की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को नुकसान हो सकता है। भविष्य में अन्य कंपनियां भी इसी तरह के कदम उठा सकती हैं।
स्पॉन्सरशिप से जुड़े एक सूत्र ने टेलिकॉम एशिया नेट को बताया, "मुझे लगता है कि अन्य कंपनियां भी हमारे क्रिकेटरों को स्पॉन्सर न करने का विकल्प चुन सकती हैं।"
यह विवाद तब शुरू हुआ जब केकेआर ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर रिलीज किया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में आयोजित करने का अनुरोध किया, जिसे आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया है। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारत जाना होगा और खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीसीसीआई की होगी।
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा जारी है, जिसके चलते भारत में आईपीएल में मुस्तफिजुर रहमान की भागीदारी पर विरोध हो रहा था। भारी विरोध के बाद, बीसीसीआई ने केकेआर को रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बीसीसीआई के बीच तनाव बढ़ गया है।