शाकिब अल हसन के 10 विकेट और 89 रन: जब बांग्लादेश ने 2017 में ढाका टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से हराया था
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश क्रिकेट टीम 13 अगस्त 2026 से शुरू हो रही 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। वॉर्म-अप मैच में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के सामने पारी की हार झेलने के बाद बांग्लादेश को कमज़ोर आँका जा रहा है — लेकिन इतिहास गवाह है कि इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट क्रिकेट में एक बार पस्त किया है, और वह भी उनकी अपनी धरती पर नहीं, बल्कि ढाका में।
ऐतिहासिक जीत का पूरा घटनाक्रम
2017 में ऑस्ट्रेलिया 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए बांग्लादेश दौरे पर आई थी। शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम, ढाका में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 260 रन बनाए। तमीम इकबाल ने 71 रन और शाकिब अल हसन ने 84 रन की महत्त्वपूर्ण पारियाँ खेलीं।
जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 217 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से रेनशॉ ने 45 और एस्टन अगर ने 41 रन बनाए। बांग्लादेश को 43 रन की अहम पहली पारी की बढ़त मिली। गेंदबाज़ी में शाकिब अल हसन ने 5 विकेट और मेहदी हसन ने 3 विकेट चटकाए।
दूसरी पारी और रोमांचक मोड़
बांग्लादेश की दूसरी पारी 221 रन पर समाप्त हुई। तमीम इकबाल ने एक बार फिर बल्लेबाज़ी में जान डाली और 78 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया के लिए नाथन लियोन ने 6 विकेट लेकर सर्वाधिक नुकसान पहुँचाया।
पहली पारी की 43 रन की बढ़त के साथ बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 265 रन का लक्ष्य रखा। डेविड वॉर्नर ने शानदार 112 रन का शतक जड़ा, लेकिन उनके संघर्ष के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 244 रन पर ढेर हो गई और मैच 20 रन से गँवा बैठी।
शाकिब अल हसन — एकल प्रदर्शन जिसने इतिहास रचा
शाकिब अल हसन इस मैच के निर्विवाद नायक रहे। उन्होंने पहली पारी में 84 रन और दूसरी पारी में 5 विकेट लेने के साथ-साथ मैच में कुल 89 रन बनाए और 10 विकेट झटके। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। यह टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश के किसी खिलाड़ी के सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शनों में से एक माना जाता है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश का टेस्ट रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अब तक खेले 6 टेस्ट मैचों में बांग्लादेश की यह एकमात्र जीत है। शेष 5 टेस्ट में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। गौरतलब है कि यह जीत उपमहाद्वीप की उछाल भरी पिचों पर आई थी — जहाँ बांग्लादेश के स्पिनरों को स्वाभाविक लाभ मिलता है।
आगामी सीरीज में क्या उम्मीद
ऑस्ट्रेलिया की तेज़ और उछाल भरी पिचों पर बांग्लादेश के लिए चुनौती कहीं अधिक कठिन होगी, जहाँ स्पिन का वह लाभ नहीं मिलेगा जो ढाका में था। फिर भी, 2017 की उस ऐतिहासिक जीत की स्मृति बांग्लादेशी खेमे को मनोवैज्ञानिक बल ज़रूर देगी। 13 अगस्त से शुरू होने वाला पहला टेस्ट बताएगा कि क्या बांग्लादेश इतिहास को दोहराने की क्षमता रखती है।