कैमरून ग्रीन डरबन टेस्ट से बाहर होने की कगार पर, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव बना बड़ी बाधा
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलियाई स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन के 9 अक्टूबर से डरबन के किंग्समीड मैदान पर शुरू होने वाले साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से बाहर रहने की संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार, 27 वर्षीय यह ऑलराउंडर पेट की मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसने ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
चोट का कारण और मौजूदा स्थिति
कैमरून ग्रीन को यह ताज़ा चोट साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान 'हुक शॉट' खेलते समय लगी थी। इसके बाद वे पोटचेफस्ट्रूम में ऑस्ट्रेलिया के दो दिवसीय वार्म-अप मैच में नहीं खेले और उन्हें केवल हल्की फिजिकल कंडीशनिंग तक ही सीमित रखा गया। गौरतलब है कि ग्रीन इससे पहले हालिया वनडे सीरीज में कंधे के दर्द से भी परेशान थे, जिसके कारण उनका गेंदबाजी वर्कलोड पहले से ही सीमित था।
पेट की मांसपेशियों का यह ताज़ा खिंचाव उनकी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग — तीनों पहलुओं को प्रभावित करता है। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम एक अहम संतुलन-प्रदाता खिलाड़ी से वंचित हो जाती है, जो टेस्ट क्रिकेट में किसी भी टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जाता है।
ग्रीन की हालिया फॉर्म और टीम के लिए महत्व
यह चोट ऐसे समय में आई है जब ग्रीन अपने करियर के बेहतरीन फॉर्म में थे। उन्होंने डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट शतक जड़ा था और उस सीरीज में स्टीव स्मिथ के साथ ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार रहे थे। ऐसे में उनका पहले टेस्ट से बाहर होना ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी गहराई और तेज गेंदबाजी सहायता दोनों को कमज़ोर कर सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, ग्रीन दूसरे या तीसरे टेस्ट तक वापसी का लक्ष्य बना सकते हैं, लेकिन इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कूपर कोनोली को मिल सकता है मौका
'द वेस्ट ऑस्ट्रेलियन' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि ग्रीन पहला टेस्ट नहीं खेल पाते, तो उनके वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के टीम-साथी और बैटिंग ऑलराउंडर कूपर कोनोली को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकती है। कोनोली ने पिछले साल श्रीलंका दौरे पर अपना टेस्ट डेब्यू किया था।
डरबन की किंग्समीड पिच ऐतिहासिक रूप से धीमे गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। ऐसे में कोनोली की लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी और मिडिल-ऑर्डर में उनकी बल्लेबाजी क्षमता उन्हें स्पिन-ऑलराउंडर के विकल्प के रूप में उपयुक्त बनाती है।
प्लेइंग इलेवन पर असर और नए चेहरे
ग्रीन की चोट से ब्यू वेबस्टर की प्लेइंग इलेवन में जगह लगभग पक्की हो गई है। इसके अलावा, विकेटकीपर-बल्लेबाज सैम हार्पर और अनुभवी बल्लेबाज निक मैडिनसन को पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में शामिल किया गया था, जिससे स्क्वाड में विकल्पों की संख्या बढ़ी है।
यह देखने वाली बात होगी कि ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन अंतिम एकादश की घोषणा से पहले ग्रीन की फिटनेस को कितना समय देता है और साउथ अफ्रीकी परिस्थितियों के अनुसार किस संयोजन को प्राथमिकता देता है।