कैमरन ग्रीन का बड़ा बयान: अगले 12 महीने सबसे कठिन, 2023 की सफलता दोहराने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ने 20 अगस्त को मैके में कहा कि आने वाले 12 महीने टीम के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने 2023 के ऐतिहासिक अभियान से प्रेरणा लेने की बात भी कही। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में पहला टेस्ट गँवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई दल मैके में दूसरे टेस्ट की तैयारी में जुटा है, जो शनिवार से शुरू होना है।
मुख्य घटनाक्रम
ग्रीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि बांग्लादेश सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के खिलाफ क्रमशः विदेशी टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके अलावा वनडे विश्व कप 2027 भी इसी कालखंड में आएगा। यह शेड्यूल किसी भी क्रिकेट टीम के लिए असाधारण रूप से माँग भरा है।
ग्रीन ने कहा, 'ये 12 महीने सच में बहुत मुश्किल होने वाले हैं। हमारे तीन सबसे मुश्किल विदेशी दौरे आने वाले हैं — दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड — साथ ही विश्व कप भी, इसलिए यह इस ग्रुप के लिए थोड़ा मुश्किल है, लेकिन रोमांचक भी है।'
2023 अभियान से प्रेरणा
ग्रीन ने याद दिलाया कि 2023 में भी ऑस्ट्रेलिया का कार्यक्रम इसी तरह भरा-पूरा था और वह साल टीम के लिए उल्लेखनीय रूप से सफल रहा था। उस वर्ष ऑस्ट्रेलिया ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीता था, जिसमें ग्रीन की भी अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा, '2023 में हमारा शेड्यूल काफी मिलता-जुलता था और यह साल वाकई सफल रहा था, इसलिए हम भी यही उम्मीद कर रहे हैं।'
गौरतलब है कि ग्रीन ने डार्विन टेस्ट में शतक जड़कर व्यक्तिगत फॉर्म में वापसी की, हालाँकि वह पारी ऑस्ट्रेलिया को हार से नहीं बचा सकी। यह ऐसे समय में आया है जब टीम पर दबाव है कि वह बांग्लादेश जैसी टीम से श्रृंखला न गँवाए।
विदेशी दौरों की थकान और मानसिक तैयारी
ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ने माना कि लंबे विदेशी दौरे मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर थका देने वाले होते हैं। उन्होंने कहा, 'विदेशी दौरे थका देने वाले हो सकते हैं, इसलिए बस एक-एक मैच के हिसाब से आगे बढ़ना है, बहुत आगे के बारे में नहीं सोचना है और बस इसका आनंद लेना है।'
ग्रीन ने परिवार को साथ रखने को भी एक महत्वपूर्ण कारक बताया। उन्होंने कहा कि लंबे दौरों में परिवार का साथ होने से मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
बल्लेबाज़ी में धैर्य पर ज़ोर
ग्रीन ने बताया कि वे अपनी बल्लेबाज़ी में धैर्य और लंबी पारी को प्राथमिकता देने पर काम कर रहे हैं। उनका कहना था, 'टेस्ट क्रिकेट में आप 10 ओवर के अंदर शतक नहीं बना सकते, आपको वहाँ पहुँचने के लिए कुछ घंटे बल्लेबाज़ी करनी पड़ती है।'
उन्होंने स्वीकार किया कि कभी-कभी परिणाम जबरदस्ती हासिल करने की कोशिश में वे बहुत तेज़ी से रन बनाने लगते हैं, जो उनके लिए नुकसानदेह रहा है। अब वे उस 'टेम्पो' को खोजने पर ध्यान दे रहे हैं जो उनके खेल के अनुकूल हो।
आगे क्या
दूसरा टेस्ट मैके में शनिवार से शुरू होगा और ऑस्ट्रेलिया के लिए सीरीज बराबर करना ज़रूरी है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के दौरे तथा वनडे विश्व कप 2027 ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की असली परीक्षा लेंगे। ग्रीन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का फॉर्म और मानसिक दृढ़ता इस पूरे चक्र में निर्णायक भूमिका निभाएगी।