युजवेंद्र चहल की चेतावनी: 'सपाट पिच पर गेंदबाजों की जगह बॉलिंग मशीन लगा दो'
सारांश
मुख्य बातें
स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों की बिगड़ती हालत पर कड़ी चिंता जताई है, जब रांची में 10 अक्टूबर 2026 को खेले गए दूसरे टी20 इंटरनेशनल में वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 250 रनों के लक्ष्य को सहजता से हासिल कर इतिहास रच दिया। इस करारी हार के बाद चहल ने सपाट पिच, ओस और सिकुड़ती बाउंड्री को गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।
मैच का घटनाक्रम
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 5 विकेट खोकर 249 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में वेस्टइंडीज के लिए शाई होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन और शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन की विस्फोटक पारी खेली।
भारत की शुरुआती सफलताओं के बाद होप और रदरफोर्ड की 120 रनों की साझेदारी ने मैच का पासा पलट दिया और मेहमान टीम 252/4 के स्कोर तक पहुँचकर 6 विकेट से जीत गई। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पाँच मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया।
चहल की गेंदबाजों के लिए दो टूक बात
जियोस्टार से बातचीत में चहल ने कहा, 'ऐसी पिचों पर गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं होता। जब गेंद पुरानी हो जाती है और ओस पड़ती है, तो गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और मैदान भी छोटे होते जा रहे हैं। हमने आईपीएल में भी ऐसा देखा है, जहाँ 19 ओवर में 260 रन का लक्ष्य हासिल किया गया। इस मैच में भी 18.3 ओवर में आसानी से 250 रन बना लिए गए। तो, गेंदबाज क्या करें? उनकी स्किल का क्या फायदा?'
चहल ने अपनी व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए जोड़ा, 'मैं उनकी स्थिति समझता हूँ क्योंकि मैं भी एक गेंदबाज हूँ। पहले, जब 'इम्पैक्ट प्लेयर' का नियम नहीं था, तो छह ओवर में 50 रन बनते थे और 170-180 का स्कोर एक अच्छा टोटल माना जाता था। अब शुरुआती छह ओवरों में ही 70-80 रन बन जाते हैं और मैच वहीं खत्म हो जाता है। इसी वजह से विकेट में गेंदबाजों के लिए कुछ मदद होनी चाहिए, वरना बस बॉलिंग मशीन ही लगा देनी चाहिए।'
आईपीएल और टी20 क्रिकेट की बदलती रंगत
चहल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब टी20 क्रिकेट में स्कोरिंग रेट लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही है। आईपीएल के हालिया सत्रों में भी बड़े-बड़े लक्ष्यों को आसानी से चेज किए जाने के मामले सामने आए हैं, जिससे गेंदबाजों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के आने के बाद से पारंपरिक ऑलराउंड संतुलन बिगड़ा है, और टीमें अब गेंदबाज की कीमत पर एक अतिरिक्त बल्लेबाज उतारने में संकोच नहीं करतीं।
आगे क्या
सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है, जहाँ इस मैदान की परंपरागत बल्लेबाज-अनुकूल पिच के कारण एक बार फिर बड़े स्कोर की उम्मीद की जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत अपनी गेंदबाजी रणनीति में क्या बदलाव करता है।