क्या कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिलने पर एथलीटों में उत्साह है?
सारांश
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अहमदाबाद, 27 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होने जा रहा है। इस वैश्विक आयोजन को लेकर खिलाड़ियों में रोमांच की लहर है। विशेष रूप से अहमदाबाद और गुजरात से जुड़े एथलीट बेहद उत्साहित हैं। उनका मानना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी से भारत की पहचान एक मजबूत खेल राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी।
ट्रायथलीट प्रज्ञा मोहन ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा, "कॉमनवेल्थ खेलों की मेज़बानी से भारतीय खेलों को नई पहचान मिलेगी और देश की छवि एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में बनेगी। यह आयोजन ना केवल हमारे विकसित खेल ढांचे को प्रदर्शित करेगा, बल्कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय खेलों का अद्वितीय अनुभव भी प्रदान करेगा।"
प्रज्ञा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि वे हमेशा से भारतीय खेलों को वैश्विक स्तर पर ऊंचाई पर ले जाने का सपना रखते हैं। "जब मैंने खेल शुरू किया था, तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, और बाद में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने एथलीटों को प्रेरित किया है।"
2022 में आयोजित नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रज्ञा ने कहा कि अहमदाबाद में भारतीय खिलाड़ियों को होम ग्राउंड और होम क्राउड का बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे पदक जीतने की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
रविन्द्र भदौरिया ने कहा, "कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी भारत को मिली है। लगभग 20 सालों बाद भारत एक बार फिर इस बड़े आयोजन का मेज़बान बनेगा। पीएम मोदी के विजन के तहत अहमदाबाद में विश्वस्तरीय खेल संरचना विकसित की गई है। इससे न केवल भारत की खेल प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।"
पैरालंपिक खिलाड़ी भावना चौधरी
कबड्डी खिलाड़ी सोमवीर मेहरा
कबड्डी खिलाड़ी साक्षी