धोनी की अनुपस्थिति के बीच ब्रेविस चोटिल, कोच फ्लेमिंग बोले- हम इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं
सारांश
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गुवाहाटी, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का अपना पहला मैच खेलेगी, लेकिन इस मैच में उसे राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के खिलाफ डेवाल्ड ब्रेविस के बिना उतरना पड़ेगा। टीम के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने जानकारी दी है कि ट्रेनिंग के दौरान ब्रेविस को साइड स्ट्रेन की समस्या का सामना करना पड़ा। इससे पहले, महेंद्र सिंह धोनी भी शुरुआती दो हफ्तों के लिए बाहर हो चुके हैं। हालांकि, कोच को उम्मीद है कि उनकी टीम इन चुनौतियों का सामना कर सकती है।
रविवार को एसीए स्टेडियम में मैच से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्लेमिंग ने कहा, "ब्रेविस आगामी मुकाबले के लिए उपलब्ध नहीं हैं। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें साइड में चोट लग गई थी, इसलिए वह अभी रिहैब में हैं। सीएसके को उम्मीद है कि वह जल्द ही फिट हो जाएंगे।"
ब्रेविस की अनुपस्थिति ने सीएसके की चोटों की समस्या को और बढ़ा दिया है। तेज गेंदबाज नाथन एलिस पहले ही इस सीजन से बाहर हो चुके हैं, जबकि पूर्व कप्तान धोनी को भी पिंडली में खिंचाव के कारण टूर्नामेंट के पहले दो हफ्तों के मैचों से बाहर रहने की आशंका है।
ऐसा माना जा रहा है कि धोनी टीम के साथ गुवाहाटी नहीं गए हैं, बल्कि अपनी रिकवरी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए चेन्नई में ही रुके हुए हैं। एलिस की जगह टीम में शामिल किए गए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन 21 अप्रैल को टीम से जुड़ेंगे, क्योंकि वह अभी भी पीठ के स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबर रहे हैं।
फ्लेमिंग ने कहा, "हमारे पास इतनी बड़ी टीम है कि हम इन परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं, लेकिन यह समस्या केवल हमारी नहीं है। दरअसल, हमारी स्थिति फिर भी संतोषजनक है। अन्य टीमों को इससे भी अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। मुझे नहीं लगता कि कोई टीम ऐसी होगी जो बिना किसी चोट के इस दौर से गुजर पाई हो।"
उन्होंने आगे कहा, "आजकल बहुत अधिक क्रिकेट खेला जा रहा है, और खिलाड़ियों का प्रबंधन करना, खासकर यह देखना कि वे किस शारीरिक स्थिति में टीम से जुड़ रहे हैं, बहुत जरूरी है। इसलिए, यह केवल हमारे काम करने के तरीके पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि खिलाड़ी किस स्थिति में टीम में आते हैं। उसके बाद हम या तो उन्हें चोट से उबरने में मदद करते हैं या उनकी फिटनेस बनाए रखने पर काम करते हैं।"
हेड कोच ने निष्कर्ष निकाला, "मुझे लगता है कि यह अब आधुनिक क्रिकेट का एक हिस्सा बन गया है। आजकल बहुत कुछ हो रहा है और खिलाड़ियों पर बहुत अधिक दबाव रहता है। साथ ही, यह खेल इतना तेज और जोरदार है कि इसमें चोट लगना एक आम बात हो गई है। हमारे पास एक काफी बड़ी टीम है।"