धनंजय डी सिल्वा ने छोड़ी श्रीलंका की टेस्ट कप्तानी, 18 मैचों में 7 जीत का रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
धनंजय डी सिल्वा ने 8 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका की टेस्ट कप्तानी से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। स्टार ऑलराउंडर ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए श्रीलंका क्रिकेट (SLC) की चयन समिति को पत्र लिखकर नेतृत्व अगली पीढ़ी को सौंपने की इच्छा जताई। डी सिल्वा ने स्पष्ट किया है कि वे एक खिलाड़ी के रूप में राष्ट्रीय टीम के लिए उपलब्ध रहेंगे।
कप्तानी की शुरुआत और पृष्ठभूमि
धनंजय डी सिल्वा को जनवरी 2024 में दिमुथ करुणारत्ने की जगह टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपनी कप्तानी का आगाज़ फरवरी 2024 में अफगानिस्तान के विरुद्ध टेस्ट मैच से किया, जिसे श्रीलंका ने 10 विकेट से जीता था। यह नियुक्ति श्रीलंकाई क्रिकेट में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही थी।
कप्तान के रूप में रिकॉर्ड
डी सिल्वा ने कुल 18 टेस्ट मैचों में श्रीलंका की कप्तानी की और 7 जीत दिलाईं। बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा — उन्होंने 36.45 की औसत से 1,130 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 9 विकेट लिए, जिसमें एक पारी में 2/13 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
उल्लेखनीय जीत और उपलब्धियाँ
डी सिल्वा की अगुवाई में श्रीलंका ने बांग्लादेश की धरती पर टेस्ट सीरीज़ 2-0 से जीती। इससे भी बड़ी उपलब्धि थी ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ जीत, जो 2014 के बाद इंग्लैंड की सरज़मीं पर श्रीलंका की पहली टेस्ट विजय रही — हालाँकि श्रीलंका वह सीरीज़ 1-2 से हार गया था। इसके अलावा घरेलू मैदान पर न्यूज़ीलैंड को भी 2-0 से परास्त किया गया।
कप्तानी के अंतिम दौर में झटके
2024 के अंत और 2025 की शुरुआत में श्रीलंका को साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के दौरों पर लगातार चार टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी। इसके बाद टीम वेस्टइंडीज में भी 0-1 से सीरीज़ हारी। कप्तान के रूप में आखिरी सीरीज़ भारत के विरुद्ध घरेलू मैदान पर थी, जिसमें श्रीलंका को 0-1 से हार मिली। गौरतलब है कि कोलंबो टेस्ट में सोनल दिनुशा के शानदार प्रदर्शन से तीसरा मैच ड्रॉ रहा और टीम क्लीन स्वीप से बच गई।
SLC की प्रतिक्रिया और आगे का रास्ता
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के सीईओ एशले डी सिल्वा ने धनंजय के योगदान की सराहना की और कहा, 'श्रीलंका क्रिकेट उनके शेष करियर के लिए उन्हें शुभकामनाएँ देता है और टेस्ट टीम को दी गई उनकी कप्तानी के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है।' चयन समिति अब नए टेस्ट कप्तान के नाम पर विचार करेगी। अगली पीढ़ी के नेतृत्व की तलाश में श्रीलंकाई क्रिकेट एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है।