सुरेश रैना जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के साथ सनातन प्रीमियर लीग का शानदार आगाज़
सारांश
Key Takeaways
- सनातन प्रीमियर लीग का उद्घाटन 13 मार्च को हुआ।
- लीग में 8 टीमें और 120 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
- विजेता को 31 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
- लीग का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करना है।
- टूर्नामेंट के बाद ट्रॉफी को तीर्थ स्थलों पर ले जाया जाएगा।
इंदौर, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध प्रवचनकार देवकीनंदन ठाकुर ने नेहरू स्टेडियम, इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) के पहले सत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लीग के प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और भाग लेने वाली सभी टीमों के खिलाड़ी उपस्थित थे।
लीग की शुरुआत देवकीनंदन ठाकुर द्वारा पिच पर पूजा-अर्चना के साथ की गई। यह लीग 13 से 15 मार्च तक चलेगी। इसमें 8 टीमें और 120 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना, पीयूष चावला और मोहित शर्मा मेंटर की भूमिका में हैं। इसके साथ ही तेज़ गेंदबाज उमेश यादव भी मेंटर हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा कमेंटेटर की भूमिका निभा रहे हैं। 1983 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य मदनलाल लीग में कमिश्नर के रूप में जुड़े हैं।
टूर्नामेंट की विजेता टीम को 31 लाख रुपये का इनाम मिलेगा, जबकि उपविजेता को 15 लाख रुपये दिए जाएंगे। हर खिलाड़ी को, चाहे वह एक मैच खेले या पूरे टूर्नामेंट में, 11,000 रुपये दिए जाएंगे। प्लेयर ऑफ द मैच को 21,000 रुपये नगद और 16,000 रुपये के जूते दिए जाएंगे। मैन ऑफ द सीरीज को एक कार दी जाएगी, और ऑरेंज कैप तथा पर्पल कैप जीतने वालों को एक-एक मोटरसाइकिल दी जाएगी।
आयोजकों ने यह भी बताया कि टूर्नामेंट के बाद ट्रॉफी को भारत के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर ले जाया जाएगा। इंदौर को मेज़बान शहर के रूप में चुना गया है क्योंकि यह उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के निकट स्थित है।
सनातन प्रीमियर लीग के प्रवक्ता सुमेंद्र तिवारी ने कहा, "हम इस लीग में उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं जो मुख्य रूप से गांवों या सड़कों पर क्रिकेट खेलते हैं। हम उन्हें एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना चाहते हैं। देवकीनंदन ठाकुर ने गरीब और वंचित बच्चों तथा युवाओं को गलत रास्तों से दूर रखने के उद्देश्य से इस लीग की शुरुआत की है।"
उन्होंने आगे कहा, "ऐसे बच्चे जो ड्रग्स या अन्य हानिकारक गतिविधियों की ओर जा सकते थे, अब उन्हें अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का मौका मिलेगा। यह टूर्नामेंट उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"