दिव्यांश सिंह पंवार: 24 साल की उम्र में 3 विश्व कप स्वर्ण, भारत के उभरते निशानेबाज की पूरी कहानी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को देश के सबसे प्रतिभाशाली युवा निशानेबाजों में स्थापित किया है। 19 अक्टूबर 2002 को जयपुर, राजस्थान में जन्मे दिव्यांश महज 24 वर्ष की आयु में विश्व कप के तीन स्वर्ण पदक सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम कर चुके हैं।
शुरुआती जीवन और निशानेबाजी में प्रवेश
दिव्यांश के पिता का नाम अशोक पंवार और माता का नाम निर्मला देवी है। उन्होंने 2014 में मात्र 12 वर्ष की आयु में निशानेबाजी की दुनिया में कदम रखा। शुरुआती दिनों में उन्होंने जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज में अपनी बड़ी बहन अंजलि के उपकरणों से अभ्यास किया। गौरतलब है कि बहन की देखादेखी शुरू हुई यह यात्रा आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय ख्याति में बदल गई।
2017 में उनके पिता ने उन्हें नई दिल्ली के प्रतिष्ठित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण के लिए दाखिला कराया, जहाँ उन्होंने कोच दीपक कुमार दुबे की देखरेख में अपनी तकनीक को निखारा।
जूनियर स्तर पर विश्व रिकॉर्ड
सुहल में आयोजित 2018 ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में दिव्यांश ने दो स्वर्ण पदक जीतकर सबका ध्यान खींचा। हृदय हजारिका और शाहू तुषार माने के साथ जूनियर पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में 1875.3 के स्कोर के साथ स्वर्ण जीता, जो उस समय का विश्व जूनियर रिकॉर्ड था। इसके अलावा, जूनियर मिश्रित टीम स्पर्धा में एलावेनिल वलारिवन के साथ जोड़ी बनाकर 498.6 का स्कोर कर विश्व जूनियर रिकॉर्ड तोड़ा और एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
उसी वर्ष चांगवोन में हुई 2018 ISSF वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में श्रेया अग्रवाल के साथ 10 मीटर एयर राइफल जूनियर मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
सीनियर विश्व कप में सफलता और ओलंपिक कोटा
बीजिंग में 2019 ISSF वर्ल्ड कप में दिव्यांश ने 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता और भारत के लिए 2020 टोक्यो ओलंपिक का कोटा भी हासिल किया। यह उपलब्धि इसलिए और महत्वपूर्ण थी क्योंकि उस समय वे महज 16 वर्ष के थे।
विश्व कप मिश्रित टीम स्पर्धा में अंजुम मौदगिल के साथ जोड़ी बनाकर दिव्यांश ने बीजिंग में स्वर्ण, म्यूनिख में स्वर्ण और रियो डी जनेरियो में कांस्य पदक जीते। 2019 विश्व कप फाइनल में उन्होंने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
टोक्यो ओलंपिक और आगे की राह
टोक्यो ओलंपिक 2020 में दिव्यांश ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लिया, जहाँ उनकी रैंकिंग 32वीं रही। यह ऐसे समय में आया जब भारत की निशानेबाजी टीम वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना रही थी। आलोचकों का कहना है कि ओलंपिक अनुभव दिव्यांश को आगे और परिपक्व बनाएगा।
भारतीय निशानेबाजी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी छाप छोड़ रही है और दिव्यांश सिंह पंवार जैसे युवा एथलीट इस परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के प्रबल दावेदार हैं। आने वाले ओलंपिक चक्र में उनसे पदक की प्रबल उम्मीदें हैं।