फीफा वर्ल्ड कप 2026: जर्मनी ने कोटे डी आइवर को 2-1 से हराया, उन्दाव के दो गोल से राउंड ऑफ 32 में एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ई मुकाबले में जर्मनी ने 21 जून को टोरंटो में रोमांचक वापसी करते हुए कोटे डी आइवर को 2-1 से पराजित किया। सबस्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे डेनिज उन्दाव ने दो निर्णायक गोल दागकर जर्मनी को राउंड ऑफ 32 में जगह दिला दी। यह जीत जर्मनी के लिए इस टूर्नामेंट में एक अहम पड़ाव साबित हुई।
मुकाबले का शुरुआती घटनाक्रम
मैच की शुरुआत जर्मनी के लिए उत्साहजनक रही। काई हैवर्ट्ज को पहले ही मिनटों में गोल करने का सुनहरा अवसर मिला, लेकिन उनका हेडर क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। इसके बाद जोशुआ किमिच के बेहतरीन क्रॉस पर हैवर्ट्ज ने फिर प्रयास किया, मगर कोटे डी आइवर के गोलकीपर याहिया फोफाना ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को गोल में जाने से रोक दिया।
एलेक्जेंडर पावलोविच ने एक कॉर्नर किक पर हेडर से गेंद गोलपोस्ट में पहुँचाई, लेकिन रेफरी ने फाउल का फैसला सुनाते हुए इस गोल को अमान्य करार दिया। इस तरह जर्मनी के कई मौके बेकार गए।
कोटे डी आइवर ने ली बढ़त
यान डियोमांडे ने बाईं ओर से एक तेज लो क्रॉस दिया जो अमाद डियालो के पैरों तक पहुँचा। नैथेनियल ब्राउन शॉट तो रोक सके, लेकिन रिबाउंड पर केसी को गोल करने से नहीं रोक पाए। इस गोल के साथ कोटे डी आइवर ने 1-0 की बढ़त बना ली और दूसरे हाफ में भी अफ्रीकी टीम का दबदबा जारी रहा।
उन्दाव का मैदान पर उतरना बना टर्निंग पॉइंट
जर्मनी के कोच जूलियन नेगल्समैन ने करीब 60 मिनट के खेल के बाद नदीम अमीरी और डेनिज उन्दाव को मैदान पर उतारा। यह रणनीतिक बदलाव मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्दाव के मैदान पर आने के महज आठ मिनट के भीतर उन्होंने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इस बीच निकोलस पेपे और साइमन एडिंगरा ने कोटे डी आइवर के लिए दोबारा बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम क्षणों में गेंद पर नियंत्रण खो बैठे और मौका हाथ से निकल गया।
स्टॉपेज टाइम में उन्दाव का निर्णायक गोल
जब मैच ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा था, तब स्टॉपेज टाइम में लुकास नेमेचा ने उन्दाव को एक शानदार पास दिया। उन्दाव ने गेंद को नियंत्रित करते हुए बेहतरीन फिनिश किया और जर्मनी की जीत सुनिश्चित कर दी। यह जर्मनी के लिए उन्दाव का 9वाँ गोल था — और वह भी महज 8 मैचों में।
जर्मनी का आगे का सफर
इस जीत के साथ जर्मनी ने ग्रुप-ई से राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। नेगल्समैन की टीम ने दबाव में वापसी करने की क्षमता दिखाई है, जो नॉकआउट चरण में उनके लिए अहम होगी। उन्दाव जैसे सबस्टिट्यूट खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन जर्मनी की बेंच स्ट्रेंथ को भी उजागर करता है।