एशियन गेम्स 2026: ईशान किशन ने T20I में 1,000 रन पूरे किए, यह उपलब्धि पाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज
सारांश
मुख्य बातें
ईशान किशन ने 3 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में 18 गेंदों में 20 रन बनाते हुए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर छू लिया — वे एक कैलेंडर वर्ष में T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1,000 रन पूरे करने वाले महज दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए। भारत और पाकिस्तान के बीच नाइरोबी के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जा रहे इस गोल्ड मेडल मुकाबले में किशन बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनका यह आँकड़ा 2026 की उनकी असाधारण बल्लेबाजी का गवाह है।
ईशान किशन की ऐतिहासिक उपलब्धि
ईशान किशन ने इस साल अब तक 169 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए कुल 1,005 रन बना लिए हैं। इससे पहले यह कारनामा सूर्यकुमार यादव ने 2022 में किया था, जब उन्होंने 187 के स्ट्राइक रेट से 1,164 रन बनाए थे। गौरतलब है कि एक कैलेंडर वर्ष में T20I में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड ऑस्ट्रिया के खिलाड़ी करणबीर सिंह के नाम है, जिन्होंने 2025 में 174 के स्ट्राइक रेट से 1,472 रन बनाए थे। पाकिस्तान के मोहम्मद रिज़वान ने 2021 में 1,326 रन बनाए थे।
भारत का पहले बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन
फाइनल में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 211 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा एक बार फिर लय में दिखे और उन्होंने 28 गेंदों में 3 चौके व 7 छक्कों की सहायता से 61 रन की तूफानी पारी खेली।
तिलक वर्मा ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की और 22 गेंदों में 3 चौके व 4 छक्के लगाते हुए नाबाद 51 रन बनाए। शिवम दुबे ने 15 गेंदों में 27 रनों का योगदान दिया।
मध्यक्रम में संघर्ष
हालाँकि, वैभव सूर्यवंशी बल्ले से खास कमाल नहीं दिखा सके और 9 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए। संजू सैमसन महज 2 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 24 गेंदों में केवल 21 रन ही बना सके।
पाकिस्तान की गेंदबाजी
पाकिस्तान की ओर से अराफात मिन्हास ने 25 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि अहमद दानियाल ने भी 2 विकेट अपने नाम किए। 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की बल्लेबाजी का क्रम अभी जारी है।
आगे क्या
भारत और पाकिस्तान के बीच इस हाई-वोल्टेज फाइनल का नतीजा तय करेगा कि एशियन गेम्स 2026 का क्रिकेट स्वर्ण पदक किस देश की झोली में जाएगा। ईशान किशन की 2026 में T20I में निरंतरता उन्हें भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद ओपनर के रूप में स्थापित करती है — आने वाले टूर्नामेंट्स में उनसे और बड़ी पारियों की उम्मीद बनी रहेगी।