श्रेयस अय्यर का 42 गेंदों में T20 शतक, गावस्कर बोले — सैमसन को मिलना चाहिए पूरा मौका
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने 7 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला शतक ठोका — वह भी केवल 42 गेंदों में। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस पारी की भरपूर तारीफ करते हुए कहा कि अय्यर ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
पारी का विवरण: 28 गेंद में अर्धशतक, फिर 15 में अगले 50
अय्यर ने पारी में दोनों गियर अलग-अलग समय पर बदले। उन्होंने पहले 28 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किए, और फिर अगले केवल 15 गेंदों में 50 और रन जोड़कर 102 का आँकड़ा छू लिया। गावस्कर ने जियोस्टार पर कहा, 'श्रेयस अय्यर की यह शानदार पारी थी। वह अजेय लग रहे थे, और वेस्टइंडीज के गेंदबाज चाहे किसी भी लाइन और लेंथ पर गेंद फेंकें, अय्यर के पास हर चीज का जवाब था।'
उन्होंने रोमारियो शेफर्ड की गेंद पर खेले गए अपर-कट का विशेष उल्लेख किया। गावस्कर के अनुसार, 'उस शॉट से पता चला कि वह गंभीर थे।' रन चेज पर अय्यर का नियंत्रण पूरी पारी में दिखा, और बीच के ओवरों में उन्होंने रन की गति को लगातार ऊँचा बनाए रखा।
आलोचनाओं का सामना और फॉर्म की वापसी
गावस्कर ने स्वीकार किया कि टी20 कप्तानी संभालने के बाद से अय्यर का बल्ले से प्रदर्शन 'थोड़ा खराब' रहा था। उन्होंने कहा, 'जीत मिली है, लेकिन बल्ले से उनका अपना फॉर्म चिंता का विषय था। उनके लिए एक बड़ी पारी खेलना जरूरी था, और उन्होंने पहले टी20 में अच्छा किया।'
यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर अय्यर की बैटिंग फॉर्म को लेकर सवाल उठ रहे थे। गावस्कर के शब्दों में, 'इस शतक ने उन सभी को चुप करा दिया है। यह पारी इस बात का पक्का संकेत है कि श्रेयस अय्यर अपने बेस्ट फॉर्म में वापस आ गए हैं।'
सैमसन पर गावस्कर की राय: एक खराब पारी से नहीं होता फैसला
पूर्व कप्तान ने विकेटकीपर-सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन के बारे में भी बेबाकी से अपनी राय रखी। पहले टी20 में सैमसन केवल 11 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद उनकी जगह युवा वैभव सूर्यवंशी को शामिल करने की चर्चा शुरू हो गई थी। गावस्कर ने इस विचार को सिरे से खारिज किया।
उन्होंने कहा, 'एक असफलता संजू के पुराने रिकॉर्ड से बड़ी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ इसी रोल में दो अर्धशतक लगाए थे।' गावस्कर ने यह भी जोड़ा कि एशियन गेम्स में सैमसन का खराब प्रदर्शन उनकी गलती नहीं था क्योंकि वे वहाँ तीसरे नंबर पर बैटिंग कर रहे थे।
ड्रेसिंग रूम की सुरक्षा और चयन की निरंतरता
गावस्कर ने टीम प्रबंधन को भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'आपको एक खिलाड़ी को पूरा मौका देना चाहिए, खासकर उसे जो अभी-अभी उस रोल में वापस आया हो जिसमें वह सहज हो। एक कम स्कोर से कुछ नहीं बदलता।'
गावस्कर ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को 'स्पेशल' बताते हुए कहा कि उनका समय जरूर आएगा, लेकिन अभी के लिए सैमसन ही वेस्टइंडीज सीरीज में ओपनिंग के लिए सही विकल्प हैं। उनके अनुसार, 'आप हर गेम के बाद लगातार बदलाव नहीं कर सकते। इससे ड्रेसिंग रूम में असुरक्षा पैदा होती है।'
गावस्कर की यह टिप्पणी भारतीय टी20 चयन नीति पर एक व्यापक बहस की ओर संकेत करती है — आगे की सीरीज में यह देखना अहम होगा कि प्रबंधन इन संकेतों पर कितना ध्यान देता है।