क्या जवागल श्रीनाथ वनडे में भारत के सबसे सफल पेसर रहे हैं?

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क्या जवागल श्रीनाथ वनडे में भारत के सबसे सफल पेसर रहे हैं?

सारांश

जवागल श्रीनाथ, भारतीय क्रिकेट के एक अद्वितीय तेज गेंदबाज, ने अपने करियर में कई शानदार उपलब्धियाँ हासिल की हैं। 1999 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी तेज गेंदबाजी ने उन्हें एक खास पहचान दिलाई। जानिए उनके करियर की कुछ महत्वपूर्ण बातें।

मुख्य बातें

श्रीनाथ ने 1991 से 2003 तक भारतीय तेज गेंदबाजी का नेतृत्व किया।
उन्होंने 4 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
श्रीनाथ ने 67 टेस्ट मैचों में 236 विकेट लिए।
उनकी गति और तकनीक ने उन्हें अद्वितीय बनाया।
उन्होंने 1999 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ तेज गेंदबाजी का रिकॉर्ड बनाया।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट में हमेशा से बल्लेबाजों का दबदबा रहा है। गावस्कर, वेंगसरकर, तेंदुलकर, गांगुली, द्रविड़, कोहली और शर्मा जैसे नाम क्रिकेट के बड़े चेहरे रहे हैं। लेकिन, बल्लेबाजों की इस भीड़ में जो गेंदबाजों ने अपनी प्रतिभा और क्षमता से पहचान बनाई, उनमें एक प्रमुख नाम तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ का है।

'मैसूर एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर श्रीनाथ का जन्म 31 अगस्त 1969 को मैसूर, कर्नाटक में हुआ था। वह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे। घरेलू क्रिकेट में उनके सामने भारतीय तेज गेंदबाजी का एकमात्र सफल चेहरा कपिल देव का था। कपिल देव के बाद, श्रीनाथ ने भारतीय तेज गेंदबाजी में अपनी जगह पक्की की और लंबे समय तक भारतीय आक्रमण की अगुवाई की।

श्रीनाथ की गेंदबाजी में तेजी, स्विंग और धीमी गेंदों का उत्तम मिश्रण था, जो विपक्षी बल्लेबाजों को अक्सर परेशान करता था। वह भारत के साथ-साथ विदेशी पिचों पर भी समान रूप से सफल रहे।

करियर के सुनहरे दौर में श्रीनाथ को 1997 में चोट लगी थी, जिससे उन्हें लगभग पूरे साल क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। ऐसी संभावना थी कि उनकी वापसी नहीं होगी, लेकिन उन्होंने वापसी की और 1998 उनका करियर का सर्वश्रेष्ठ वर्ष साबित हुआ। हालांकि उनकी गति पहले जैसी नहीं रही, लेकिन कई मौकों पर उनकी गति ने भारतीय क्रिकेट में चर्चाएँ पैदा की।

एक दशक तक भारतीय तेज गेंदबाजी का चेहरा रहे श्रीनाथ 2002 में श्रीलंका के खिलाफ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के विजेता भारतीय टीम का हिस्सा थे। 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2003 विश्व कप में भाग लेने की श्रीनाथ की कहानी बेहद दिलचस्प है। उन्होंने विश्व कप से पहले संन्यास की घोषणा कर दी थी, लेकिन कप्तान सौरव गांगुली ने उन्हें वापसी करने के लिए मनाया। श्रीनाथ ने 2003 विश्व कप में 11 मैचों में 16 विकेट लेकर भारत को फाइनल में पहुंचाया।

भारत के लिए श्रीनाथ ने 4 विश्व कप (1992, 1996, 1999, 2003) खेले। श्रीनाथ वनडे विश्व कप के इतिहास में 44 विकेट लेकर जहीर खान के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर थे। 2023 में मोहम्मद शमी ने यह रिकॉर्ड तोड़ा।

1991 में डेब्यू करने वाले श्रीनाथ ने 67 टेस्ट मैचों में 236 और 229 वनडे में 315 विकेट लिए। वह निचले क्रम के उपयोगी बल्लेबाज भी थे। टेस्ट में उन्होंने 4 अर्धशतक लगाते हुए 1,009 रन बनाए। वनडे में भी उनके नाम एक अर्धशतक है।

2003 विश्व कप के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। कपिल देव के बाद, श्रीनाथ टेस्ट में 200 विकेट लेने वाले दूसरे तेज गेंदबाज बने।

श्रीनाथ वनडे में सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज हैं और इस फॉर्मेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में उनका नाम अनिल कुंबले के बाद आता है। कुंबले और श्रीनाथ की स्पिन और तेज गेंदबाजी की जोड़ी 1991 से 2003 तक चर्चित रही।

श्रीनाथ ने 1999 वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 154.5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। यह गेंद 2023 तक किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा फेंकी गई सबसे तेज गेंद थी। 2023 में श्रीलंका के खिलाफ उमरान मलिक ने 157 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंद फेंककर श्रीनाथ का रिकॉर्ड तोड़ा। उस मैच में श्रीनाथ ने 8 ओवर में 37 रन देकर 3 विकेट लेकर भारत की जीत सुनिश्चित की।

संन्यास के बाद जवागल श्रीनाथ ने कमेंट्री और कोचिंग की जगह मैच रेफरी का पेशा चुना। वर्तमान में वह आईसीसी के सबसे प्रतिष्ठित रेफरी में से एक हैं।

भारत सरकार ने क्रिकेट में उनके योगदान के लिए 1999 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मेहनत और दृढ़ता भी महत्वपूर्ण हैं। एक राष्ट्रीय संपादक के रूप में, मैं मानता हूँ कि उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जवागल श्रीनाथ ने कितने वनडे मैच खेले हैं?
जवागल श्रीनाथ ने 229 वनडे मैच खेले हैं।
श्रीनाथ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन क्या था?
श्रीनाथ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1999 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 154.5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंद फेंकना था।
क्या श्रीनाथ ने किसी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है?
जी हाँ, उन्हें 1999 में भारत सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
श्रीनाथ का जन्म कब हुआ था?
जवागल श्रीनाथ का जन्म 31 अगस्त 1969 को मैसूर, कर्नाटक में हुआ था।
श्रीनाथ का प्रमुख योगदान क्या है?
उन्होंने 2003 वनडे विश्व कप में भारत को फाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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