क्या 3 बार के एशियन गेम्स मेडलिस्ट जिन्सन जॉनसन ने संन्यास का ऐलान किया?
सारांश
Key Takeaways
- जिन्सन जॉनसन ने 34 साल की उम्र में संन्यास लिया।
- उन्होंने 800 मीटर और 1500 मीटर में कई मेडल जीते।
- उनका करियर 1500 मीटर के नेशनल रिकॉर्ड के साथ समाप्त हुआ।
- जिन्सन ने अपने सफर में कई संघर्षों का सामना किया।
- एथलेटिक्स में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मिडिल-डिस्टेंस रनर जिन्सन जॉनसन ने बुधवार को कॉम्पिटिटिव एथलेटिक्स से रिटायरमेंट की घोषणा की। इस तरह उनका डेढ़ दशक लंबा करियर समाप्त हो गया।
जॉनसन, जो रियो 2016 ओलंपिक में 800 मीटर दौड़ में भाग लेने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक बने, ने साल 1980 में श्रीराम सिंह के बाद ओलंपिक में देश का नाम रोशन किया।
जिन्सन जॉनसन ने अपने करियर का समापन 1500 मीटर के नेशनल रिकॉर्ड के साथ किया। यह रिकॉर्ड उन्होंने साल 2019 में आईएसटीएएफ बर्लिन मीट में 3:35.24 के समय के साथ बनाया था।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "कोलकाता से शुरू हुआ एक सपना हांगझोऊ 2023 में एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचा। धन्यवाद एथलेटिक्स।"
जिन्सन ने आगे कहा, "मुझे ओलंपिक गेम्स, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। हर बार जब मैंने तिरंगा थामा, तो मैंने अपने दिल से दौड़ा।"
34 वर्षीय जिन्सन जॉनसन तीन बार के एशियन गेम्स मेडलिस्ट हैं। उन्होंने 2018 में 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 800 मीटर दौड़ में रजत प्राप्त किया। 2023 में उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता।
2018 में 800 मीटर दौड़ में जिन्सन ने 1:45.65 का समय निकालकर श्रीराम सिंह का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।