वुहान ओपन: सोने कर्तल ने स्वितोलिना को 6 2, 2 6, 6 4 से हराया, पहली बार WTA 1000 सेमीफाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन की सोने कर्तल ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को वुहान ओपन के क्वार्टर फाइनल में विश्व की छठी नंबर खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना को 6 2, 2 6, 6 4 से पराजित कर बड़ा उलटफेर किया। इस जीत के साथ कर्तल पहली बार किसी WTA 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं।
मैच का घटनाक्रम
2 घंटे 3 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में कर्तल ने पहला सेट दबदबे के साथ जीता। दूसरे सेट में स्वितोलिना ने जबरदस्त वापसी करते हुए बराबरी कर ली, लेकिन तीसरे और निर्णायक सेट में कर्तल ने मैदान पर अपना संयम और दृढ़ संकल्प बरकरार रखा और 6 4 से जीत दर्ज की।
यह दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक हुए तीन मुकाबलों में कर्तल की पहली जीत रही। उन्होंने चार बार की ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनलिस्ट स्वितोलिना को मात देकर टूर्नामेंट में सबसे बड़ा उलटफेर करने वाली खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया।
सेमीफाइनल में ओस्टापेंको से होगा सामना
सेमीफाइनल में कर्तल का मुकाबला जेलेना ओस्टापेंको से होगा। ओस्टापेंको ने क्वार्टर फाइनल में डायना श्नाइडर को 7 6 (6), 6 1 से हराया। उस मैच में ओस्टापेंको पहले सेट में 2 5 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने दमदार वापसी कर जीत हासिल की।
एशियन स्विंग में शानदार सफर
वर्तमान में विश्व रैंकिंग में 44वें स्थान पर मौजूद कर्तल ने वुहान में एशियन स्विंग के दौरान एक के बाद एक बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने पहले राउंड में विश्व नंबर 48 एंहेलिना कलिनिना को हराया, फिर राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की बेलिंडा बेनसिच को मात दी। प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने पूर्व फ्रेंच ओपन और विम्बलडन फाइनलिस्ट जैस्मीन पाओलिनी को पराजित किया।
गौरतलब है कि इससे पहले पिछले हफ्ते उन्होंने चाइना ओपन में भी तीसरे राउंड तक का सफर तय किया था।
ऐतिहासिक उपलब्धि और चोट से वापसी
साल 2009 में WTA 1000 फॉर्मेट की शुरुआत के बाद से, जोहाना कोंटा के बाद इस स्तर के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुँचने वाली कर्तल दूसरी ब्रिटिश खिलाड़ी बन गई हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कर्तल पीठ की चोट के कारण लंबे समय तक कोर्ट से दूर रही थीं और यह उनका महज तीसरा टूर्नामेंट है जिसमें वे वापसी के बाद खेल रही हैं।
कर्तल की प्रतिक्रिया
जीत के बाद कर्तल ने कहा, "पहला सेट आसानी से जीतने के बावजूद, मुझे पता था कि स्वितोलिना एक बेहतरीन फाइटर हैं। इसलिए मुझे पता था कि जब तक आखिरी प्वाइंट नहीं खेला जाता, तब तक मैं सुरक्षित नहीं हूँ। मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मैंने इस मैच में कितना दृढ़ संकल्प दिखाया। पूरे मैच के दौरान मैंने बहुत संयम बनाए रखा। इस हफ्ते मैं एक नया मुकाम हासिल कर रही हूँ — मैं पहले कभी WTA 1000 के सेमीफाइनल में नहीं पहुँची थी।"
अगले सेमीफाइनल मुकाबले में कर्तल यह साबित करना चाहेंगी कि उनका यह प्रदर्शन महज संयोग नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।