सोने कार्तल ने वुहान ओपन फाइनल में बनाई जगह, WTA 1000 में पहुँचने वाली सबसे कम रैंकिंग खिलाड़ी
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटिश टेनिस स्टार सोने कार्तल ने 17 अक्टूबर 2026 को वुहान ओपन के सेमीफाइनल में येलेना ओस्टापेंको को हराकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस जीत के साथ वह अपने करियर में पहली बार WTA मास्टर्स 1000 के फाइनल में पहुँच गई हैं — और 2009 में इस फॉर्मेट की शुरुआत के बाद से इस मंच के फाइनल में जगह बनाने वाली सबसे कम रैंकिंग की खिलाड़ी बन गई हैं।
मुख्य मुकाबले का हाल
विश्व रैंकिंग में 170वें स्थान पर मौजूद कार्तल ने दो घंटे 12 मिनट तक चले कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में ओस्टापेंको को 7-6 (11-9), 7-6 (7-5) से शिकस्त दी। मैच के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सेट प्वाइंट्स भी बचाए, जो उनकी मानसिक दृढ़ता की मिसाल है।
जीत के बाद कार्तल ने कहा, 'यह मेरे द्वारा खेले गए सबसे कठिन मैचों में से एक था। मुझे अच्छे से पता था कि वह किस तरह का खेल दिखाएंगी। कभी-कभी उनका सामना करना नामुमकिन सा हो जाता है, लेकिन ऐसे समय में आपको बस डटे रहना होता है। मानसिक रूप से यह मेरे करियर के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक है, और मुझे इस पर बहुत गर्व है।'
चोट से शानदार वापसी
24 वर्षीय कार्तल पीठ की गंभीर चोट के कारण छह महीने तक खेल से दूर रहीं। वुहान ओपन उनकी वापसी का महज तीसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने कहा, 'चोट लगने से पहले ही मैं इस मैच को खेलने का सपना देख रही थी। अपनी वापसी के तीसरे ही टूर्नामेंट में यहाँ तक पहुँचना मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब मैं रिकवर करूँगी और कल के मैच के हर पल का आनंद लूँगी।'
गौरतलब है कि चोट से उबरने के बाद वह पिछले महीने बिली जीन किंग कप फाइनल में कोर्ट पर लौटी थीं, और इस महीने की शुरुआत में चाइना ओपन के तीसरे राउंड तक भी पहुँची थीं।
वुहान में कार्तल का अभियान
कार्तल का वुहान अभियान शुरू से ही प्रभावशाली रहा। उन्होंने पहले राउंड में दुनिया की 48वीं रैंकिंग वाली एंहेलिना कलिनिना को हराया। राउंड ऑफ 32 में 12वीं रैंकिंग की बेलिंडा बेनसिक को मात दी। प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रेंच ओपन और विंबलडन की पूर्व फाइनलिस्ट जैस्मीन पाओलिनी को हराया और क्वार्टर फाइनल में चार बार ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल तक पहुँच चुकीं स्वितोलिना को भी पराजित किया।
रैंकिंग और ऐतिहासिक महत्व
फाइनल तक पहुँचने की बदौलत कार्तल WTA रैंकिंग में 150 स्थान ऊपर चढ़कर टॉप 50 में शामिल हो जाएंगी। इसके साथ ही वह ब्रिटेन की शीर्ष रैंकिंग वाली टेनिस खिलाड़ी बन जाएंगी — एक उपलब्धि जो ब्रिटिश टेनिस के लिए भी ऐतिहासिक है।
फाइनल में उनका मुकाबला इगा स्वियातेक या माजा चवालिनस्का में से किसी एक से होगा — और यह मैच उनके असाधारण वापसी की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।