कायनात इम्तियाज ने 13 साल के करियर के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 4 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि पाकिस्तान की अनुभवी तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। 13 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने पाकिस्तान महिला क्रिकेट को कई ऐतिहासिक मुकामों पर अपनी सेवाएँ दीं।
करियर का सफरनामा
कायनात इम्तियाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ICC महिला क्रिकेट टी20 चैलेंज से की थी। इसके बाद 2011 में आयरलैंड के खिलाफ ICC महिला वर्ल्ड कप क्वालिफायर में उन्होंने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा। उनका क्रिकेटीय सफर वास्तव में फरवरी 2007 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने PCB नेशनल स्कूल्स अंडर-17 महिला चैंपियनशिप में कराची स्कूल्स अंडर-17 टीम का प्रतिनिधित्व किया था।
मार्च 2008 में उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू किया और उसी साल जुलाई 2008 में अपना पहला टी20 मैच खेला। यह उनके सतत विकास और PCB के विश्वास का प्रमाण था।
आँकड़ों में करियर
34 वर्षीय कायनात ने पाकिस्तान महिला टीम के लिए 19 वनडे और 21 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 16 पारियों में 10 विकेट लिए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 49 रन देकर 3 विकेट रहा। टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 12 पारियों में 8 विकेट हासिल किए और उनका बेहतरीन प्रदर्शन 18 रन देकर 2 विकेट था।
बल्लेबाजी में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। 13 वनडे पारियों में उन्होंने 11.16 की औसत से 134 रन बनाए, जिसमें सर्वाधिक स्कोर 24 रन था। वहीं, 17 टी20 पारियों में 12.45 की औसत से 137 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 29 रन रहा।
एशियन गेम्स और अन्य बड़ी उपलब्धियाँ
कायनात पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने 2010 और 2014 के एशियन गेम्स में क्रिकेट इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। यह उनके करियर की सबसे चमकदार उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
इसके अलावा वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी पाकिस्तान महिला टीम का हिस्सा रहीं और 2017 वनडे वर्ल्ड कप में भी टीम का प्रतिनिधित्व किया। उनका आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच अक्टूबर 2022 में महिला एशिया कप के दौरान सिलहट में थाईलैंड के खिलाफ था, जबकि अंतिम वनडे जनवरी 2023 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेला था।
मैच रेफरी के रूप में नई पारी
मैदान पर बैट-बॉल छोड़ने के बाद कायनात ने क्रिकेट को एक नए रूप में अपनाया है। उन्होंने अगस्त-सितंबर में आयोजित PCB नेशनल महिला अंडर-19 टी20 टूर्नामेंट में मैच रेफरी के तौर पर अपनी नई भूमिका की शुरुआत की। यह कदम पाकिस्तान महिला क्रिकेट के क्रिकेट-प्रशासनिक ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
परिवार की क्रिकेट विरासत
कायनात की माँ सलीमा इम्तियाज भी क्रिकेट जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। वह 2024 में ICC के अंतरराष्ट्रीय विकास पैनल में चुनी जाने वाली पहली पाकिस्तानी महिला बनी थीं। माँ-बेटी की यह जोड़ी पाकिस्तान महिला क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट परिवारों में से एक मानी जाती है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान महिला क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। कायनात जैसे अनुभवी खिलाड़ी का मैदान प्रशासन में कदम रखना युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी साबित हो सकता है।