क्या मेसी इवेंट से पहले हुए मैच में रेफरी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं?

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क्या मेसी इवेंट से पहले हुए मैच में रेफरी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं?

सारांश

कोलकाता में लियोनेल मेसी के इवेंट से पहले खेले गए फुटबॉल मैच में रेफरियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। चार रेफरियों को आईएफए ने अनुशासन समिति में पेश होने के लिए बुलाया है। क्या ये रेफरी नियमों का उल्लंघन कर रहे थे? जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • लियोनेल मेसी के इवेंट से पहले विवादित मैच की जांच हो रही है।
  • चार रेफरियों को आईएफए की अनुशासन समिति में पेश होना है।
  • भीड़ की बेकाबू स्थिति ने सुरक्षा को चुनौती दी।
  • राज्य सरकार ने जांच समिति का गठन किया है।
  • आयोजक को गिरफ्तार किया गया है और कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

कोलकाता, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अर्जेंटीना के फुटबॉल सितारे लियोनेल मेसी के आयोजन से पहले खेले गए एक फुटबॉल मैच में विवाद बढ़ता जा रहा है। 13 दिसंबर को साल्ट लेक स्टेडियम (युवा भारती क्रीड़ांगन) में हुए इस मैच में अंपायरिंग करने वाले चार रेफरियों को अब जांच के दायरे में लाया गया है। इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन (आईएफए) ने इन चारों रेफरियों को अपनी आंतरिक अनुशासन समिति के सामने पेश होने के लिए बुलाया है।

इन रेफरियों पर आरोप है कि उन्होंने इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन या कलकत्ता रेफरी एसोसिएशन से पूर्व अनुमति लिए बिना इस महत्वपूर्ण मैच में अंपायरिंग की। सूत्रों के अनुसार, नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। आईएफए की अनुशासन समिति की बैठक 20 जनवरी को होगी, जहां रेफरी को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

यह मामला उस बड़े विवाद से संबंधित है जो लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान उत्पन्न हुआ था। मेसी के आगमन से पहले ही स्टेडियम भरा हुआ था और हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ी की झलक पाने के लिए उत्सुक थे। हालांकि, जैसे ही मेसी स्टेडियम में पहुंचे, स्थिति बेकाबू हो गई। भीड़ फोटो लेने के लिए आगे बढ़ी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। मेसी केवल 22 मिनट तक मैदान पर रहे और इसके बाद चले गए।

उनके जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। दर्शकों ने गुस्से में स्टेडियम के अंदर तोड़फोड़ की। कुर्सियां और बोतलें मैदान में फेंकी गईं, गेट तोड़ दिए गए, और कई लोग पिच पर घुस गए। स्टेडियम की गैलरी और रेस्ट रूम में भी नुकसान की खबरें आईं। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने जांच समिति का गठन किया।

इवेंट के आयोजक सतद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा, अरूप ने राज्य के खेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार समेत कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मेसी के आयोजन से पूर्व खेले गए मोहन बागान और डायमंड हार्बर लेजेंड्स के बीच मैच में अंपायरिंग करने वाले ये चार रेफरी अब नियमों के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन की जांच यह तय करेगी कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

Point of View

वह न केवल रेफरियों के लिए, बल्कि भविष्य के आयोजनों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या रेफरियों को अनुशासन समिति में पेश होना अनिवार्य है?
हां, आईएफए ने चारों रेफरियों को अनुशासन समिति के सामने पेश होने के लिए बुलाया है।
क्या ये रेफरी नियमों का उल्लंघन कर रहे थे?
सूत्रों के अनुसार, इन पर आरोप है कि इन्होंने पूर्व अनुमति लिए बिना अंपायरिंग की।
मेसी के इवेंट के दौरान क्या हुआ?
मेसी के स्टेडियम पहुंचने के बाद भीड़ बेकाबू हो गई और स्थिति बिगड़ गई।
राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने जांच समिति का गठन किया है।
क्या आयोजक को गिरफ्तार किया गया है?
हां, आयोजक सतद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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