क्या बांग्लादेश के नहीं खेलने से टी20 विश्व कप पर कोई असर नहीं पड़ेगा? : दानिश कनेरिया
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश का भारत न जाना एक निराशाजनक निर्णय है।
- इससे बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
- बांग्लादेश के न खेलने से विश्व कप पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- आईसीसी की सुरक्षा व्यवस्था सभी टीमों के लिए समान है।
- राजनीति को क्रिकेट से दूर रखना चाहिए।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया का कहना है कि विश्व कप के लिए बांग्लादेश का भारत न जाना एक निराशाजनक निर्णय है और भविष्य में इसका प्रभाव उनके क्रिकेट पर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश के इस फैसले से विश्व कप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस से एक विशेष बातचीत में दानिश कनेरिया ने कहा, "बांग्लादेश में हिंदूओं के साथ गलत व्यवहार किया गया। बेवजह लोगों को मारा जा रहा था। यह देखना काफी निराशाजनक था। इस कारण भारत में बांग्लादेश की छवि खराब हुई और इसी कारण केकेआर ने आईपीएल 2026 के लिए चयनित मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर कर दिया।"
उन्होंने आगे कहा, "टी20 विश्व कप के संदर्भ में, बीसीसीआई या आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम को कभी नहीं कहा कि वे भारत नहीं आ सकते। आईसीसी की सभी सदस्य टीमों को वैश्विक टूर्नामेंट में अच्छी सुरक्षा मिलती है। बांग्लादेश को भी उचित सुरक्षा मिली थी। बांग्लादेश में जो कुछ हुआ उस डर की वजह से उन्होंने भारत न जाने का निर्णय लिया। आईसीसी की बैठक में सभी क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधि मौजूद थे और बांग्लादेश के पक्ष में केवल पाकिस्तान का वोट गया। इससे यह स्पष्ट है कि भारत में सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं है।"
कनेरिया ने कहा, "बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के निर्णय से भविष्य में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्हें आईसीसी की बात माननी चाहिए थी। अंतिम समय में शेड्यूल बदलना कठिन होता है। अब भारतीय टीम बांग्लादेश के साथ नहीं खेलेगी, और इसका नुकसान बांग्लादेश को होगा। बांग्लादेश के न खेलने से विश्व कप पर कोई असर नहीं पड़ेगा।"
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत में विश्व कप खेलने जाना चाहिए था। यदि बांग्लादेश आईसीसी की बात मानकर भारत में विश्व कप खेलने चला जाता, तो मुस्तफिजुर रहमान का मामला खत्म हो जाता। अगले साल आईपीएल में कई बांग्लादेशी क्रिकेटरों को खेलते हुए देखा जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बांग्लादेश ने खुद अपने लिए रास्ता बंद कर लिया। बांग्लादेश के न जाने से आईसीसी या बीसीसीआई को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
पाकिस्तान का बांग्लादेश का समर्थन करने और टी20 विश्व कप से बाहर होने की संभावना पर कनेरिया ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ होगा। यदि ऐसा होता है तो नुकसान पाकिस्तान का होगा। बांग्लादेश की जगह जिस तरह से स्कॉटलैंड को मौका दिया जा रहा है, उसी तरह पाकिस्तान की जगह भी किसी अन्य टीम को मौका दिया जा सकता है। नई टीमें अच्छा खेल रही हैं। जो भी मौका पाएगा, उसके लिए लाभकारी होगा।"
क्रिकेट में राजनीतिक हस्तक्षेप और इसकी चर्चा पर कनेरिया ने कहा, "यदि क्रिकेट के तकनीकी पहलुओं पर बात की जाए, तो लोगों को पसंद कम आती है। विराट और बाबर की तुलना और शाहीन और बुमराह की तुलना लोग ज्यादा पसंद करते हैं। मुझे लगता है कि सीनियर क्रिकेटरों को जो अपने यूट्यूब चैनलों पर क्रिकेट पर बोलते हैं, उन्हें राजनीति से दूर रहकर क्रिकेटरों और उनके प्रदर्शन पर चर्चा करनी चाहिए। यह अधिक महत्वपूर्ण है। राजनीतिक चर्चाओं और उनके बयानों से बचना चाहिए। क्रिकेट और राजनीति को एक साथ नहीं मिलाना चाहिए।"
बिग बैश लीग में मोहम्मद रिजवान को रिटायर्ड आउट करने और बाबर आजम को सिंगल न देने पर उठे विवाद पर कनेरिया ने कहा, "ये निर्णय टीम के हित को ध्यान में रखते हुए लिए जाते हैं। आईपीएल में भी तिलक वर्मा को रिटायर्ड आउट किया गया था। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। टीम पहले आती है। उस समय बाबर आजम से रन नहीं बन रहे थे, इसलिए स्टीव स्मिथ ने सिंगल नहीं लिया। बाबर आजम कौन सा विवियन रिचर्ड्स हैं? इस विषय को विवादित करना सही नहीं है।"