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क्या मैनचेस्टर में मौसम और पिच ने भारत की मुश्किलें बढ़ाईं? : मांजरेकर

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क्या मैनचेस्टर में मौसम और पिच ने भारत की मुश्किलें बढ़ाईं? : मांजरेकर

सारांश

संजय मांजरेकर ने मैनचेस्टर में इंग्लैंड-भारत टेस्ट मैच के दौरान मौसम और पिच की स्थिति के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे पिच और मौसम ने भारतीय टीम की चुनौतियों को बढ़ा दिया। क्या भारत इस परिस्थिति से उबर पाएगा?

मुख्य बातें

पिच की स्थिति ने खेल का रुख पलटा।
भारत को मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
ऋषभ पंत का क्रीज पर लौटना प्रेरणादायक था।
इंग्लैंड ने टॉस का फायदा उठाया।
नई गेंद से सही खेलना भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा।

नई दिल्ली, २५ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट के दूसरे दिन पिच की स्थिति के बारे में बताया कि भारत को मौसम के चलते कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की पारी के दौरान पिच नरम हो गई और आसमान साफ होने से परिस्थितियाँ बदल गईं, जिसने खेल को काफी प्रभावित किया।

ऋषभ पंत के पैर में फ्रैक्चर के बावजूद क्रीज पर लौटने का जज़्बा अद्भुत था, लेकिन भारत की पहली पारी ३५८ रनों पर समाप्त हो गई। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने बेन डकेट (९४) और जैक क्रॉली (८४) की १६६ रनों की शानदार ओपनिंग साझेदारी के साथ मजबूत शुरुआत की।

हालांकि, दोनों सलामी बल्लेबाज शतक से चूक गए, जिन्हें रवींद्र जडेजा और डेब्यूटेंट अंशुल कंबोज ने आउट किया। इंग्लैंड ने दूसरे दिन का खेल २२५/२ पर समाप्त किया, जिसमें जो रूट (११) और ओली पोप (२०) नाबाद रहे।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने मौसम और पिच की स्थिति के बारे में कहा कि भारत की बल्लेबाजी के दौरान नमी ने एक चुनौती पेश की, जिससे माहौल ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म जैसा लग रहा था। हालांकि, बाद में पिच नरम हो गई और आसमान साफ हो गया।

मांजरेकर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि पिच की स्थिति बदलने से टेस्ट मैच का रुख अचानक पलट गया। इंग्लैंड के लिए बड़ा स्कोर बनाने का मौका था, क्योंकि बुमराह जैसे गेंदबाजों को भी विकेट लेना मुश्किल हो रहा था। भारत के लिए उन दो विकेटों का मिलना राहत की बात थी।

संजय मांजरेकर ने डेब्यू टेस्ट में अच्छी गेंदबाजी के लिए कंबोज की तारीफ की। मांजरेकर ने उनके सरल एक्शन की सराहना की, लेकिन बताया कि १३० किमी/घंटा से कम की रफ्तार के साथ बैक-ऑफ-लेंथ या गुड-लेंथ गेंदबाजी में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूसरे दिन पिच में बदलाव के कारण कंबोज को ज्यादा मदद नहीं मिली।

इंग्लैंड के क्रिकेटर जोनाथन ट्रॉट ने इंग्लैंड की स्थिति का आकलन करते हुए टॉस के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टॉस जीतने का फायदा उस दिन स्पष्ट दिखाई दिया। भारत ने सुबह अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन ब्रिटेन में दोपहर का समय बल्लेबाजी के लिए अधिक अनुकूल होता है, जिसका इंग्लैंड ने लाभ उठाया।

ओल्ड ट्रैफर्ड की दूसरे और तीसरे दिन की पिच आमतौर पर बल्लेबाजी के लिए सबसे अच्छी होती है। इंग्लैंड आगे इसका फायदा उठाने की कोशिश करेगा, लेकिन वे बहुत आगे के बारे में नहीं सोच सकते। पहला घंटा और पहला सत्र महत्वपूर्ण होगा। यदि भारत नई गेंद से सही खेलता है तो वे मैच में वापसी कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मौसम और पिच की स्थिति ने भारत के लिए चुनौतियाँ पैदा की हैं। यह एक महत्वपूर्ण टेस्ट मैच है और भारत को अपनी रणनीति में बदलाव लाने की आवश्यकता है। हमें उम्मीद है कि वे अगले सत्र में वापसी करेंगे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की पहली पारी में क्या हुआ?
भारत की पहली पारी 358 रनों पर समाप्त हुई, जिसमें ऋषभ पंत का जज्बा देखने को मिला।
मौसम और पिच ने भारत को कैसे प्रभावित किया?
पिच की नरमी और मौसम की साफ स्थिति ने भारत की बल्लेबाजी को चुनौती दी।
इंग्लैंड की शुरुआत कैसी रही?
इंग्लैंड ने बेन डकेट और जैक क्रॉली की शानदार साझेदारी के साथ मजबूत शुरुआत की।
राष्ट्र प्रेस
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