निकी प्रसाद में परिपक्व खिलाड़ी जैसा संयम, वेदा कृष्णमूर्ति बोलीं — भारत-जिम्बाब्वे पहला टी20 आंखें खोलने वाला रहा
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर वेदा कृष्णमूर्ति ने कहा है कि 17 अक्टूबर 2026 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए भारत-जिम्बाब्वे पहले टी20 मैच ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक अहम सबक छोड़ा है। उनके अनुसार, जिम्बाब्वे के स्पिनर्स के सामने शुरुआती विकेटों का जल्दी गिरना टीम के लिए एक 'आंखें खोलने वाला' अनुभव रहा, जिससे सीख लेकर बल्लेबाजों को अगले मुकाबले में उतरना होगा।
मैच का घटनाक्रम
जिम्बाब्वे द्वारा दिए गए 115 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम महज चार ओवर में 19/4 की संकट-भरी स्थिति में पहुँच गई। कप्तान स्मृति मंधाना ने पहले ओवर में दो चौके लगाए, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे की तेज स्पिनर न्याशा ग्वांज़ुरा ने मंधाना और अनुष्का शर्मा को पवेलियन भेज दिया। मिशेल मावुंगा ने हरमनप्रीत कौर को आउट किया, और शेफाली वर्मा भी न्याशा की गेंद पर विकेट गँवा बैठीं।
इसके बाद दीप्ति शर्मा (49 रन) और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं 20 वर्षीया निकी प्रसाद (39*, नाबाद) ने पाँचवें विकेट के लिए 63 गेंदों पर 82 रनों की साझेदारी की। भारत ने 15.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर 26 गेंदें शेष रखते हुए मैच जीत लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
वेदा की नज़र में भारतीय बल्लेबाजी की खामी
वेदा कृष्णमूर्ति ने कहा कि भारतीय बल्लेबाज आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों की तेज गेंदबाजी का सामना करने के लिए अभ्यास करती हैं, जिसकी वजह से धीमे गेंदबाजों के सामने ढलने में समय लगा। उन्होंने कहा, 'भारतीय बल्लेबाज आमतौर पर तेज गति की गेंदों का सामना करने के लिए अभ्यास करती हैं, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ खेलना होता है। हालांकि, यह मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए आंखें खोलने वाला रहा।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि टॉप-ऑर्डर की काबिलियत पर संदेह नहीं है, लेकिन रविवार को होने वाले दूसरे टी20 मैच में बल्लेबाजों से बेहतर तैयारी की उम्मीद है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारतीय महिला टीम बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी में है।
दीप्ति और निकी की साझेदारी पर विशेषज्ञ राय
वेदा ने दीप्ति शर्मा की अनुभवी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, 'यह एक बेहतरीन साझेदारी थी। दीप्ति शर्मा एक बहुत ही बहुमुखी बल्लेबाज हैं, और उनका बाएं-दाएं हाथ का संयोजन गेंदबाजों को भी उलझन में डाल देता है। दीप्ति ने जिस आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की, उससे निकी प्रसाद को समय मिल गया कि वह स्थिति को समझ सकें।'
उन्होंने आगे कहा कि दीप्ति ने सारा दबाव खुद पर लेकर गेंदबाजों पर हावी रहीं, जिससे निकी के लिए बीच के ओवरों में पारी को आगे बढ़ाना सुगम हो गया। गौरतलब है कि दीप्ति अर्धशतक से महज एक रन दूर रह गईं।
निकी प्रसाद — डेब्यू में दिखाया असाधारण संयम
वेदा कृष्णमूर्ति ने 20 वर्षीया निकी प्रसाद के पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में दिखाए संयम को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'निकी प्रसाद ने एक बल्लेबाज और क्रिकेटर के तौर पर शानदार प्रदर्शन किया। वह अभी सिर्फ 20 साल की हैं लेकिन उनमें एक परिपक्व और अनुभवी खिलाड़ी जैसा संयम है।'
वेदा ने याद दिलाया कि निकी ने अपने महिला प्रीमियर लीग (WPL) डेब्यू में भी ऐसी ही परिस्थितियों में उतरकर शानदार शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, 'जब चीजें इतनी तेजी से बदलती हैं, तो बल्लेबाज के पास ज्यादा सोचने का समय नहीं होता। ऐसे में उनका पूरा ध्यान इस बात पर रहता है कि उस समय क्या करने की जरूरत है।'
आगे क्या
भारत और जिम्बाब्वे के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मैच रविवार को खेला जाएगा। वेदा को उम्मीद है कि टॉप-ऑर्डर इस मुकाबले में स्पिन के खिलाफ कहीं अधिक तैयार नज़र आएगा और टीम सीरीज में 2-0 की बढ़त सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी।