स्मृति मंधाना की कप्तानी में जिम्बाब्वे पर 3-0 की जीत, वेदा कृष्णमूर्ति ने निकी प्रसाद को बताया चैंपियंस ट्रॉफी के लिए 'अहम हथियार'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वेदा कृष्णमूर्ति ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में 3-0 की क्लीन स्वीप जीत के लिए टीम इंडिया की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह नतीजा स्मृति मंधाना के पूर्णकालिक कप्तान के रूप में करियर की एक आदर्श शुरुआत है और आगामी महिला चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम को मजबूत मनोबल देता है। विशेष रूप से वेदा ने डेब्यू करने वाली ऑलराउंडर निकी प्रसाद को भारतीय टीम के लिए एक बहुमुखी और उपयोगी संपत्ति बताया।
सीरीज का मुख्य घटनाक्रम
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीनों टी20 मुकाबले जीतकर श्रृंखला पर एकतरफा दबदबा कायम किया। मंधाना की कप्तानी में टीम ने एक सुसंगत और आक्रामक खेल शैली का प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि यह बड़े टूर्नामेंट — महिला चैंपियंस ट्रॉफी — से पहले अभी तीन और अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबले शेष हैं, जो टीम को और परखने का अवसर देंगे।
वेदा कृष्णमूर्ति का विश्लेषण
'जियोस्टार' पर बोलते हुए वेदा ने कहा, 'जब आप कोई सीरीज खेलते हैं, तो आप उस पर अपना दबदबा बनाना चाहते हैं, और मुझे लगता है कि पूरी टीम इंडिया ने बिल्कुल ऐसा ही किया है। हम अक्सर एकतरफा या शानदार जीत की बात करते हैं, और पिछले दो मैच बिल्कुल ऐसे ही थे। पहले मैच में भले ही टीम को थोड़ी चुनौती मिली हो, लेकिन अंत में जीत फिर भी शानदार रही। एक मजबूत अंत हमेशा अहम होता है, और स्मृति मंधाना के पूर्णकालिक कप्तानी करियर के लिए यह एक अच्छी शुरुआत है।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव रहेगा, खासकर इसलिए कि पिछले दो टी20 विश्व कप भारत के लिए अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके थे।
निकी प्रसाद: डेब्यू में छाप छोड़ी
वेदा ने ऑलराउंडर निकी प्रसाद की विशेष तौर पर प्रशंसा की, जिन्होंने इस सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। वेदा के अनुसार, 'वह टीम के लिए बहुत उपयोगी हैं क्योंकि उनमें बीच के ओवरों में गेंदबाजी करने की क्षमता है। वह नंबर पाँच या छह पर बल्लेबाजी कर सकती हैं, और हमने देखा कि अपने डेब्यू मैच में दबाव के बावजूद उन्होंने खुद को बहुत अच्छे से संभाला।'
निकी की फील्डिंग को लेकर वेदा ने कहा कि एक बेहतरीन फील्डर होने का फायदा यह है कि भले ही किसी दिन बल्लेबाजी या गेंदबाजी न चले, फील्डिंग के ज़रिए 10-15 रन आसानी से बचाए जा सकते हैं — और टी20 क्रिकेट में यह बहुत बड़ा अंतर पैदा कर सकता है।
चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला टीम बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी संयोजन और खेल शैली को अंतिम रूप देने की कोशिश में है। मंधाना की पूर्णकालिक कप्तानी में यह पहली श्रृंखला थी, और क्लीन स्वीप ने टीम प्रबंधन को संयोजन परखने का भरपूर मौका दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि निकी जैसी बहुआयामी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को नॉकआउट मुकाबलों में लचीलापन देती है।
आगे तीन और टी20 मुकाबलों में टीम इंडिया से उम्मीद की जाएगी कि वह इसी लय को बरकरार रखे और चैंपियंस ट्रॉफी से पहले संयोजन को और मजबूत करे।