पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा, 2 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान ने त्रिनिदाद के क्वींस पार्क ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराकर 2 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। इससे पहले वेस्टइंडीज ने सीरीज का पहला टेस्ट 90 रन से जीता था, लेकिन पाकिस्तान ने दूसरे मैच में दमदार वापसी करते हुए सीरीज में बराबरी हासिल की।
पहली पारी: वेस्टइंडीज का 344 रनों का स्कोर
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 344 रन बनाए। कप्तान रोस्टन चेज ने जस्टिन ग्रीव्स के साथ छठे विकेट के लिए 96 रन की अहम साझेदारी की। चेज 70 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि ग्रीव्स ने 73 रन की पारी खेली। ब्रैंडन किंग ने भी 46 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से साजिद खान ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए, जबकि मोहम्मद अली, उबैद शाह और अली उस्मान ने 2-2 विकेट लिए।
पाकिस्तान की पहली पारी: शफीक-बाबर की शतकीय साझेदारी
जवाब में पाकिस्तान ने पहली पारी में 387 रन बनाकर 43 रन की बढ़त हासिल की। अब्दुल्ला शफीक ने कप्तान बाबर आजम के साथ तीसरे विकेट के लिए 183 रन की विशाल साझेदारी की, जिसने मैच का रुख पाकिस्तान की ओर मोड़ दिया। बाबर ने 11 चौकों की मदद से 88 रन बनाए, जबकि शफीक 18 चौकों के साथ 160 रन बनाकर नाबाद रहे। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वारिकन ने 6 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि शमर जोसेफ को 2 विकेट मिले।
वेस्टइंडीज की दूसरी पारी: 117 रनों पर सिमटी
दूसरी पारी में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी 46.1 ओवरों में महज 117 रन पर ढेर हो गई। टैगेनारिन चंद्रपॉल (17) और कावेम हॉज (34) ने पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े, लेकिन इस जोड़ी के टूटते ही बल्लेबाजी क्रम बिखर गया। केवल पाँच बल्लेबाज दहाई का आँकड़ा छू सके। चोटिल ब्रैंडन किंग दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे। पाकिस्तान की ओर से अली उस्मान ने 39 रन देकर 4 विकेट और साजिद खान ने 32 रन देकर 4 विकेट लिए — दोनों स्पिनरों ने मिलकर वेस्टइंडीज की पारी की कमर तोड़ दी।
पाकिस्तान की जीत: 75 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल
जीत के लिए पाकिस्तान को महज 75 रन चाहिए थे। 15 रन के स्कोर पर इमाम-उल-हक (9) और 42 रन पर अजान ओवैस (18) के विकेट गिरे, लेकिन कप्तान बाबर आजम ने अब्दुल्ला शफीक के साथ तीसरे विकेट के लिए 35 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को 8 विकेट की आसान जीत दिला दी। यह जीत पाकिस्तान के लिए न केवल सीरीज बराबर करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि बाबर-शफीक की जोड़ी की निरंतरता का भी प्रमाण है।