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IPL 2026: पीयूष चावला ने भुवनेश्वर कुमार की मेहनत की सराहना की, नेट्स में 8-10 ओवर डालने की बात कहीं

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IPL 2026: पीयूष चावला ने भुवनेश्वर कुमार की मेहनत की सराहना की, नेट्स में 8-10 ओवर डालने की बात कहीं

सारांश

पीयूष चावला का मानना है कि भुवनेश्वर कुमार की सफलता का रहस्य मात्रा में विश्वास है। नेट्स में 8-10 ओवर डालने की उनकी अनुशासित दिनचर्या और घरेलू टूर्नामेंट में पूरी तीव्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता उन्हें अलग बनाती है। दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध 3 विकेट लेकर उन्होंने इसी दर्शन का सफल प्रमाण दिया।

मुख्य बातें

पीयूष चावला ने भुवनेश्वर कुमार के प्रशिक्षण अनुशासन की प्रशंसा की, जो मात्रा पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
भुवनेश्वर नेट्स पर 8 से 10 ओवर डालते हैं और अपनी लय वापस पाने पर ज़ोर देते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध भुवनेश्वर ने 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए।
आरसीबी ने 76 रन का लक्ष्य 6.3 ओवर में 1 विकेट खोकर हासिल किया।
चावला के अनुसार, भुवनेश्वर की निरंतरता घरेलू क्रिकेट में भी दिखती है, जहाँ वह 25-30 दिन के यूपी लीग में पूरी प्रतिबद्धता से खेलते हैं।

नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पूर्व लेग-स्पिनर पीयूष चावला ने भुवनेश्वर कुमार के प्रशिक्षण अनुशासन और क्रिकेट के प्रति निरंतर समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर गुणवत्ता से अधिक मात्रा में अभ्यास पर विश्वास करते हैं — एक दृष्टिकोण जिसने सोमवार को दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध उनके शानदार प्रदर्शन में योगदान दिया।

चावला की प्रशंसा और प्रशिक्षण दर्शन

चावला ने वर्कलोड प्रबंधन बनाम गहन प्रशिक्षण पर चल रही बहस में अपनी राय रखते हुए कहा कि भुवनेश्वर का अनुशासित दिनचर्या उन्हें अलग बनाता है। उन्होंने ESPN क्रिकइंफो को बताया, "लोग वर्कलोड प्रबंधन और गुणवत्ता प्रशिक्षण की बात करते हैं। मैं समझता हूँ कि इतने वर्षों के खेल के बाद आप जानते हैं कि गेंद कहाँ डालनी है। लेकिन फिर भी आपको वहाँ जाकर अपना पूरा कोटा पूरा करना होता है। मैं केवल गुणवत्ता प्रशिक्षण में विश्वास नहीं रखता; मैं मात्रा में विश्वास रखता हूँ, और भुवनेश्वर भी यही करते हैं।"

नेट्स में समर्पण की रणनीति

चावला ने आगे कहा, "जब भी वह नेट्स पर जाते हैं, वह सुनिश्चित करते हैं कि 8 से 10 ओवर डालें और अपनी लय वापस पाएँ। यही चीज़ उन्हें एक बेहतर गेंदबाज़ बनाती है।" पूर्व भारतीय स्पिनर का मानना है कि भुवनेश्वर की लंबी प्रशिक्षण अवधि और टूर्नामेंट में तीव्रता बनाए रखना उन्हें कई समकालीन खिलाड़ियों से अलग करता है।

घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रतिबद्धता

चावला ने भुवनेश्वर के पेशेवर दृष्टिकोण की तुलना उन खिलाड़ियों से की जो घरेलू टूर्नामेंट में केवल अपना कोटा पूरा करते हैं। "भुवनेश्वर के बारे में अच्छी बात यह है कि वह बहुत मेहनत करते हैं। जब भी वह किसी मैच में खेलते हैं, तो पूरी तीव्रता के साथ खेलते हैं। मैंने कई खिलाड़ियों को देखा है जो घरेलू क्रिकेट में आते हैं, बस अपना कोटा पूरा करते हैं और चले जाते हैं, लेकिन वह ऐसे नहीं हैं। यदि वह किसी विशेष टूर्नामेंट के लिए आए हैं, तो पूरे टूर्नामेंट के लिए वहीं रहते हैं।" उन्होंने यूपी लीग का उदाहरण दिया, जो 25 से 30 दिन तक चलता है।

दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन

अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मुकाबले में भुवनेश्वर का प्रदर्शन असाधारण रहा। उन्होंने 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट निकाले, जिससे दिल्ली की पूरी टीम 75 रन पर सिमट गई। जोश हेजलवुड ने भी 12 रन देकर 4 विकेट लिए, जिससे गेंदबाज़ी की ओर से एक मज़बूत प्रदर्शन हुआ।

आरसीबी की आसान जीत

76 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए, आरसीबी ने 6.3 ओवर में मात्र 1 विकेट खोकर जीत हासिल की। देवदत्त पडिक्कल ने 13 गेंदों में 34 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि विराट कोहली 15 गेंदों में 23 रन बनाकर नाबाद रहे, जिससे टीम को आसानी से जीत मिली।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दोनों को मिलाता है, IPL जैसे तेज़-गति वाले टूर्नामेंट में सफलता का एक व्यावहारिक मॉडल प्रदान करता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी खिलाड़ियों के लिए यह दृष्टिकोण उपयुक्त नहीं हो सकता — चोट की रोकथाम और दीर्घकालिक कैरियर स्वास्थ्य भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। फिर भी, भुवनेश्वर की प्रतिबद्धता और दिल्ली के विरुद्ध उनका प्रदर्शन इस दर्शन की प्रभावशीलता का प्रमाण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष चावला ने भुवनेश्वर कुमार के बारे में क्या कहा?
पीयूष चावला ने कहा कि भुवनेश्वर कुमार गुणवत्ता से अधिक मात्रा में प्रशिक्षण पर विश्वास करते हैं। वह नेट्स पर 8 से 10 ओवर डालते हैं और अपनी लय वापस पाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो उन्हें एक बेहतर गेंदबाज़ बनाता है।
दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध भुवनेश्वर का प्रदर्शन कैसा रहा?
अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में भुवनेश्वर ने 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए, जिससे दिल्ली की पूरी टीम 75 रन पर सिमट गई।
आरसीबी ने दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध कैसे जीत हासिल की?
आरसीबी को 76 रन का लक्ष्य दिया गया था, जिसे टीम ने 6.3 ओवर में मात्र 1 विकेट खोकर हासिल किया। देवदत्त पडिक्कल ने 13 गेंदों में 34 रन की नाबाद पारी खेली।
चावला के अनुसार भुवनेश्वर को घरेलू क्रिकेट में क्या अलग बनाता है?
चावला ने कहा कि भुवनेश्वर घरेलू टूर्नामेंट में भी पूरी तीव्रता बनाए रखते हैं। यदि वह किसी विशेष टूर्नामेंट के लिए आते हैं, तो पूरे टूर्नामेंट के लिए वहीं रहते हैं, जैसे 25-30 दिन के यूपी लीग में।
राष्ट्र प्रेस
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