प्रसिद्ध कृष्णा बोले — टेस्ट में सफलता के लिए हालात से अनुकूलन और गेंदबाजी साझेदारी अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
भारत के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 25 सितंबर 2026 को कहा कि टेस्ट क्रिकेट में व्यक्तिगत चमक से कहीं अधिक टीम की सामूहिक मेहनत और गेंदबाजी साझेदारी की भावना मायने रखती है। उनके अनुसार, अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को ढालने और अपने गेंदबाजी पार्टनर को समझने की काबिलियत ने ही उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की करने में मदद की है।
प्रदर्शन के आँकड़े
2023 से अब तक प्रसिद्ध ने 9 टेस्ट मैचों में 32 विकेट लिए हैं, जबकि 28 वनडे मैचों में उनके नाम 50 विकेट दर्ज हैं। ये आँकड़े दोनों फॉर्मेट में उनकी बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित करते हैं।
प्रसिद्ध ने 'जियोस्टार' से बातचीत में कहा, 'मुझे लगता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, खुद को ढालने और अच्छा प्रदर्शन करने की काबिलियत सबसे जरूरी है। आप कहीं भी खेलें, आपको पूरी ताकत और जोश के साथ गेंदबाजी करने के लिए तैयार रहना होगा। अपने गेंदबाजी पार्टनर को समझना भी महत्वपूर्ण है। बल्लेबाजी की तरह ही गेंदबाजी में भी साझेदारी की आवश्यकता होती है।'
वेस्टइंडीज सीरीज और घरेलू सीजन की शुरुआत
भारत अपने घरेलू सीजन की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज से करेगा, जिसका पहला मुकाबला 27 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में होगा। यह सीरीज आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 की तैयारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक अहम घरेलू टेस्ट सीरीज — बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी — भी निर्धारित है, जो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की चुनौती
पाँच मैचों की इस कठिन सीरीज पर बात करते हुए प्रसिद्ध ने कहा, 'मैंने अब तक दो बार पाँच मैचों की टेस्ट सीरीज का अनुभव किया है — एक बार ऑस्ट्रेलिया में और एक बार इंग्लैंड में — और उन अनुभवों से मैंने बहुत कुछ सीखा है। 25 दिनों के क्रिकेट के दौरान लय बनाए रखना एक बिल्कुल अलग चुनौती है।' गौरतलब है कि WTC फाइनल की दौड़ में यह सीरीज भारत के लिए निर्णायक हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा, 'टीम पहले से ही उस चुनौती के लिए तैयारी कर रही है। हर कोई बेहतरीन फॉर्म में है और सही सोच रखता है। हम यह भी जानते हैं कि WTC चक्र में यह सीरीज कितनी अहम है, इसलिए मैं इसका बेसब्री से इंतजार कर रहा हूँ।'
चोट से वापसी और मानसिक मजबूती
प्रसिद्ध कृष्णा ने पीठ के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण सर्जरी करवाई थी और लंबे समय तक रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरे। इस कठिन दौर पर उन्होंने कहा, 'चोटिल होना और जारी क्रिकेट मैचों में हिस्सा न ले पाना किसी के लिए भी मुश्किल होता है। रिहैब का सफर बहुत थकाऊ होता है, क्योंकि आपको वही चीजें बार-बार करनी पड़ती हैं।'
उन्होंने स्पोर्ट्स साइंस स्टाफ और परिवार की भूमिका को अहम बताया: 'आपके आस-पास के लोग बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए अच्छे लोगों, खासकर परिवार और दोस्तों के साथ रहना बहुत जरूरी है।' उनका यह भी कहना था, 'अगर चोट लगने के समय मैं किसी खास स्तर पर था, तो वापसी करते समय मुझे उससे दस गुना बेहतर होना चाहिए — यह सोच बहुत आवश्यक है।'
प्रसिद्ध कृष्णा की यह मानसिकता और उनके बढ़ते अनुभव भारत को आगामी व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर में मजबूत विकल्प देते हैं।