पुजारा बोले — ईशान किशन नंबर 3 पर टीम की ज़रूरत पूरी कर रहे, स्कोर से नहीं प्रभाव से आँकें
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने टी20 इंटरनेशनल सीरीज में नंबर 3 पर बल्लेबाजी कर रहे ईशान किशन के आक्रामक खेल का खुलकर समर्थन किया है। पुजारा का स्पष्ट मत है कि किशन की पारियों को केवल व्यक्तिगत रन के पैमाने पर नहीं, बल्कि मैच पर उनके समग्र प्रभाव के आधार पर आँका जाना चाहिए। जियोस्टार से बातचीत में पुजारा ने यह भी कहा कि ऑलराउंडर नमन धीर की गेंदबाजी समझ उन्हें टी20 फॉर्मेट में एक प्रभावी विकल्प बना सकती है।
ईशान किशन की भूमिका पर पुजारा का आकलन
पुजारा ने कहा, 'नंबर 3 पर आकर ईशान किशन भारतीय टीम को वही दे रहे हैं जिस चीज़ की टीम को ज़रूरत है। मुझे नहीं लगता कि आप हर बार उनसे बड़ा स्कोर देखेंगे, क्योंकि टॉप ऑर्डर में हर कोई आक्रामक खिलाड़ी है। उनका काम टीम को तेज़ शुरुआत देना और पावरप्ले का पूरा फायदा उठाना है।'
उनके अनुसार, भारत के टॉप ऑर्डर में सभी बल्लेबाज़ आक्रामक शैली में खेलते हैं, इसलिए हर खिलाड़ी से हर मैच में बड़ा स्कोर बनाने की अपेक्षा रखना उचित नहीं है। पुजारा की दृष्टि में किशन की प्राथमिक जिम्मेदारी पावरप्ले में मिली तेज़ शुरुआत को और आगे ले जाना है।
30-40 रन भी हो सकते हैं निर्णायक
पुजारा ने आगे स्पष्ट किया कि यदि ईशान किशन तेज़ गति से 30-40 रन भी बना रहे हैं, तो यह टीम के लिए अत्यंत मूल्यवान योगदान है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह काफी है। व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज़ से लोग चाहेंगे कि वह बड़े रन बनाएँ, लेकिन इस समय वह टीम के लिए अपना रोल अच्छी तरह निभा रहे हैं।'
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब टी20 क्रिकेट में बल्लेबाज़ों के मूल्यांकन के तरीके पर व्यापक बहस जारी है — कि क्या स्ट्राइक रेट और टीम को दिया गया गति-प्रेरणा, रन संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है। पुजारा स्पष्ट रूप से पहले पक्ष के हैं।
नमन धीर की गेंदबाजी की सराहना
पुजारा ने नमन धीर की गेंदबाजी समझ की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'नमन ने दिखाया है कि उनके पास शानदार नियंत्रण है और विकेट लेने की क्षमता भी है। उन्हें अच्छी तरह समझ है कि बल्लेबाज़ क्या करने की कोशिश कर रहा है और उसे आउट करने के लिए क्या करना चाहिए।'
पुजारा के अनुसार, नमन ज़्यादातर समय गेंद को स्टंप्स की लाइन में रखते हैं और बल्लेबाज़ पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। वह केवल विकेट लेने पर नहीं, बल्कि अपनी लाइन, लेंथ और गति में बदलाव कर बल्लेबाज़ को भ्रमित करने पर ध्यान देते हैं।
कामिल पूरन वाले मैच का उदाहरण
पुजारा ने कामिल पूरन के खिलाफ नमन के प्रदर्शन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'पिछले मैच में कामिल पूरन ने उन्हें तीन छक्के लगाए थे। शुरुआती दो गेंदों पर उनका एग्ज़िक्यूशन उतना अच्छा नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी योजना नहीं बदली। उन्होंने लाइन में थोड़ा बदलाव किया और आखिरकार विकेट हासिल कर लिया। यह खेल की उनकी बेहतरीन समझ को दिखाता है।'
गौरतलब है कि टी20 फॉर्मेट में स्पिनरों के लिए दबाव में भी अपनी रणनीति पर टिके रहना एक दुर्लभ गुण माना जाता है। पुजारा का मानना है कि नमन की गेंदबाजी रफ़्तार अपेक्षाकृत धीमी है, लेकिन यही उनकी असली ताक़त है — वह गति, लाइन और लेंथ के निरंतर बदलाव से बल्लेबाज़ को असमंजस में रखते हैं।
टी20 में भूमिका और टीम की रणनीति
भारतीय टी20 टीम की मौजूदा रणनीति में टॉप ऑर्डर से आक्रामकता की अपेक्षा केंद्रीय है। इस ढाँचे में ईशान किशन को नंबर 3 पर एक ऐसे बल्लेबाज़ के रूप में देखा जा रहा है जो पहले दो विकेटों के बाद भी रन गति को थमने नहीं देते। पुजारा का यह विश्लेषण टीम प्रबंधन की उसी सोच को रेखांकित करता है। आने वाले मैचों में किशन और नमन दोनों की भूमिका और निखरने की उम्मीद है।