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रणजी ट्रॉफी के 91 सीजन में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली 5 टीमें — मुंबई शीर्ष पर 42 बार

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रणजी ट्रॉफी के 91 सीजन में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली 5 टीमें — मुंबई शीर्ष पर 42 बार

सारांश

91 सीजन, 5 टीमें और दशकों की घरेलू क्रिकेट विरासत — मुंबई के 42 खिताब किसी परीकथा से कम नहीं, लेकिन कर्नाटक, दिल्ली, मध्य प्रदेश और बड़ौदा की कहानियाँ भी उतनी ही रोचक हैं।

मुख्य बातें

मुंबई ने रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक 42 खिताब जीते हैं, जिनमें 1958-59 से 1972-73 तक लगातार 15 खिताब शामिल हैं।
कर्नाटक (पूर्व में मैसूर) ने 8 खिताब जीते हैं और 15 फाइनल में भाग लिया है।
दिल्ली ने 7 बार रणजी ट्रॉफी जीती है और 8 बार उपविजेता रही है।
मध्य प्रदेश (पूर्व में होल्कर) और बड़ौदा दोनों ने 5-5 खिताब जीते हैं।
मध्य प्रदेश का सबसे हालिया खिताब 2021-22 में आया, जब उन्होंने मुंबई को हराया।
रणजी ट्रॉफी में अब तक कुल 91 सीजन खेले जा चुके हैं।

रणजी ट्रॉफी के 91 सीजन के इतिहास में कुछ टीमों ने बार-बार अपना दबदबा कायम किया है। इनमें मुंबई सबसे ऊपर है, जिसके नाम रिकॉर्ड 42 खिताब दर्ज हैं। यहाँ उन 5 टीमों का पूरा ब्यौरा है जिन्होंने इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में सर्वाधिक बार ट्रॉफी अपने नाम की है।

मुंबई — 42 खिताब, बेमिसाल रिकॉर्ड

मुंबई ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक 42 बार खिताब जीता है, जो किसी भी टीम के लिए अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है। टीम ने 1934-35 और 1935-36 के लगातार दो सीजन से अपना सफर शुरू किया। इसके बाद 1941-42, 1944-45, 1948-49, 1951-52, 1953-54, 1955-56 और 1956-57 में भी चैंपियनशिप हासिल की।

मुंबई की सबसे शानदार लय 1958-59 से 1972-73 तक रही, जब टीम ने लगातार 15 खिताब जीते — घरेलू क्रिकेट में यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। अगले सीजन कर्नाटक ने बाजी मारी, लेकिन मुंबई ने जल्द वापसी करते हुए 1974-75, 1975-76 और 1976-77 में लगातार तीन और खिताब जीते।

बाद के वर्षों में मुंबई ने 1980-81, 1983-84, 1984-85, 1993-94, 1994-95, 1996-97, 1999-2000, 2002-03, 2003-04, 2006-07, 2008-09, 2009-10, 2012-13, 2015-16 और 2023-24 के सीजन भी अपने नाम किए। टीम 6 बार — 1947-48, 1979-80, 1982-83, 1990-91, 2016-17 और 2021-22 — उपविजेता रही है।

कर्नाटक (पूर्व में मैसूर) — 8 खिताब

कर्नाटक, जो पहले मैसूर के नाम से जानी जाती थी, ने कुल 15 फाइनल में भाग लिया। टीम ने 1973-74, 1977-78, 1982-83, 1995-96, 1997-98, 1998-99, 2013-14 और 2014-15 के सीजन जीते।

वहीं 1941-42, 1959-60, 1974-75, 1978-79, 1981-82, 2009-10 और 2025-26 के फाइनल में टीम को उपविजेता से संतोष करना पड़ा। दक्षिण भारत की यह टीम मुंबई के बाद रणजी इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक मानी जाती है।

दिल्ली — 7 खिताब

दिल्ली ने कुल 7 बार रणजी ट्रॉफी जीती है। टीम के खिताबी सीजन हैं — 1978-79, 1979-80, 1981-82, 1985-86, 1988-89, 1991-92 और 2007-08।

दिल्ली 8 बार — 1976-77, 1980-81, 1983-84, 1984-85, 1986-87, 1989-90, 1996-97 और 2017-18 — फाइनल में पहुँचकर भी खिताब से चूकी। यह आँकड़ा दर्शाता है कि टीम लंबे समय तक शीर्ष दावेदारों में रही है।

मध्य प्रदेश (पूर्व में होल्कर) — 5 खिताब

मध्य प्रदेश, जो पहले होल्कर के नाम से खेलती थी, ने 5 बार रणजी खिताब अपने नाम किया है। होल्कर के रूप में टीम ने लगातार 11 सीजन के दौरान 10 फाइनल में जगह बनाई और 1945-46, 1947-48, 1950-51 तथा 1952-53 के सीजन जीते।

इस दौरान 1944-45, 1946-47, 1949-50, 1951-52, 1953-54 और 1954-55 के फाइनल में उपविजेता रहीं। बाद में 1998-99 के फाइनल में कर्नाटक से हार के बाद टीम ने 2021-22 में मुंबई को हराकर अपना पाँचवाँ खिताब जीता।

बड़ौदा — 5 खिताब

बड़ौदा ने भी रणजी ट्रॉफी में 5 बार खिताब अपने नाम किया है। टीम के विजयी सीजन रहे — 1942-43, 1946-47, 1949-50, 1957-58 और 2000-01।

वहीं 1945-46, 1948-49, 2001-02 और 2010-11 के फाइनल में पहुँचने के बावजूद बड़ौदा उपविजेता रही। रणजी ट्रॉफी की इस ऐतिहासिक सफलता-सूची में बड़ौदा और मध्य प्रदेश दोनों संयुक्त रूप से पाँचवें स्थान पर हैं। आने वाले सीजन में इन टीमों के बीच आगे भी कड़ी टक्कर की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट की संरचनात्मक असमानता की भी कहानी बताते हैं — मुंबई की 42 खिताबी विरासत के पीछे संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रिकेट संस्कृति का वह ताना-बाना है जो बाकी राज्यों के लिए अब भी आदर्श है। दिलचस्प यह है कि मध्य प्रदेश और बड़ौदा जैसी 'छोटी' मानी जाने वाली टीमें भी खिताबी दौड़ में टिकी रही हैं, जो यह संकेत देता है कि BCCI के विकेंद्रीकृत ढाँचे ने घरेलू क्रिकेट को कुछ हद तक प्रतिस्पर्धी बनाए रखा है। हालाँकि, IPL युग में प्रतिभा पलायन के बाद रणजी ट्रॉफी की साख और दर्शक-संख्या पर गहरा असर पड़ा है — और यही सवाल अब सबसे ज़रूरी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा खिताब किस टीम ने जीते हैं?
मुंबई ने रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक 42 खिताब जीते हैं, जो किसी भी टीम के लिए अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। टीम ने 1934-35 में अपना पहला खिताब जीता था।
रणजी ट्रॉफी में अब तक कितने सीजन खेले गए हैं?
रणजी ट्रॉफी में अब तक कुल 91 सीजन खेले जा चुके हैं। यह भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है।
कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी कितनी बार जीती है?
कर्नाटक (पूर्व में मैसूर) ने 8 बार रणजी ट्रॉफी जीती है और कुल 15 फाइनल में भाग लिया है। उनका सबसे हालिया खिताब 2014-15 सीजन में आया था।
मध्य प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी में सबसे हाल में कब खिताब जीता?
मध्य प्रदेश ने 2021-22 के फाइनल में मुंबई को हराकर अपना पाँचवाँ रणजी ट्रॉफी खिताब जीता। टीम होल्कर के नाम से खेलते हुए पहले चार खिताब जीत चुकी थी।
दिल्ली ने रणजी ट्रॉफी कितनी बार जीती है और कितनी बार उपविजेता रही?
दिल्ली ने 7 बार रणजी ट्रॉफी जीती है — 1978-79 से लेकर 2007-08 तक। टीम 8 बार फाइनल में पहुँचकर भी खिताब नहीं जीत पाई।
राष्ट्र प्रेस
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