रणजी ट्रॉफी के 91 सीजन में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली 5 टीमें — मुंबई शीर्ष पर 42 बार
सारांश
मुख्य बातें
रणजी ट्रॉफी के 91 सीजन के इतिहास में कुछ टीमों ने बार-बार अपना दबदबा कायम किया है। इनमें मुंबई सबसे ऊपर है, जिसके नाम रिकॉर्ड 42 खिताब दर्ज हैं। यहाँ उन 5 टीमों का पूरा ब्यौरा है जिन्होंने इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में सर्वाधिक बार ट्रॉफी अपने नाम की है।
मुंबई — 42 खिताब, बेमिसाल रिकॉर्ड
मुंबई ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक 42 बार खिताब जीता है, जो किसी भी टीम के लिए अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है। टीम ने 1934-35 और 1935-36 के लगातार दो सीजन से अपना सफर शुरू किया। इसके बाद 1941-42, 1944-45, 1948-49, 1951-52, 1953-54, 1955-56 और 1956-57 में भी चैंपियनशिप हासिल की।
मुंबई की सबसे शानदार लय 1958-59 से 1972-73 तक रही, जब टीम ने लगातार 15 खिताब जीते — घरेलू क्रिकेट में यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। अगले सीजन कर्नाटक ने बाजी मारी, लेकिन मुंबई ने जल्द वापसी करते हुए 1974-75, 1975-76 और 1976-77 में लगातार तीन और खिताब जीते।
बाद के वर्षों में मुंबई ने 1980-81, 1983-84, 1984-85, 1993-94, 1994-95, 1996-97, 1999-2000, 2002-03, 2003-04, 2006-07, 2008-09, 2009-10, 2012-13, 2015-16 और 2023-24 के सीजन भी अपने नाम किए। टीम 6 बार — 1947-48, 1979-80, 1982-83, 1990-91, 2016-17 और 2021-22 — उपविजेता रही है।
कर्नाटक (पूर्व में मैसूर) — 8 खिताब
कर्नाटक, जो पहले मैसूर के नाम से जानी जाती थी, ने कुल 15 फाइनल में भाग लिया। टीम ने 1973-74, 1977-78, 1982-83, 1995-96, 1997-98, 1998-99, 2013-14 और 2014-15 के सीजन जीते।
वहीं 1941-42, 1959-60, 1974-75, 1978-79, 1981-82, 2009-10 और 2025-26 के फाइनल में टीम को उपविजेता से संतोष करना पड़ा। दक्षिण भारत की यह टीम मुंबई के बाद रणजी इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक मानी जाती है।
दिल्ली — 7 खिताब
दिल्ली ने कुल 7 बार रणजी ट्रॉफी जीती है। टीम के खिताबी सीजन हैं — 1978-79, 1979-80, 1981-82, 1985-86, 1988-89, 1991-92 और 2007-08।
दिल्ली 8 बार — 1976-77, 1980-81, 1983-84, 1984-85, 1986-87, 1989-90, 1996-97 और 2017-18 — फाइनल में पहुँचकर भी खिताब से चूकी। यह आँकड़ा दर्शाता है कि टीम लंबे समय तक शीर्ष दावेदारों में रही है।
मध्य प्रदेश (पूर्व में होल्कर) — 5 खिताब
मध्य प्रदेश, जो पहले होल्कर के नाम से खेलती थी, ने 5 बार रणजी खिताब अपने नाम किया है। होल्कर के रूप में टीम ने लगातार 11 सीजन के दौरान 10 फाइनल में जगह बनाई और 1945-46, 1947-48, 1950-51 तथा 1952-53 के सीजन जीते।
इस दौरान 1944-45, 1946-47, 1949-50, 1951-52, 1953-54 और 1954-55 के फाइनल में उपविजेता रहीं। बाद में 1998-99 के फाइनल में कर्नाटक से हार के बाद टीम ने 2021-22 में मुंबई को हराकर अपना पाँचवाँ खिताब जीता।
बड़ौदा — 5 खिताब
बड़ौदा ने भी रणजी ट्रॉफी में 5 बार खिताब अपने नाम किया है। टीम के विजयी सीजन रहे — 1942-43, 1946-47, 1949-50, 1957-58 और 2000-01।
वहीं 1945-46, 1948-49, 2001-02 और 2010-11 के फाइनल में पहुँचने के बावजूद बड़ौदा उपविजेता रही। रणजी ट्रॉफी की इस ऐतिहासिक सफलता-सूची में बड़ौदा और मध्य प्रदेश दोनों संयुक्त रूप से पाँचवें स्थान पर हैं। आने वाले सीजन में इन टीमों के बीच आगे भी कड़ी टक्कर की उम्मीद है।